राजस्व से जनसुनवाई तक एक्शन मोड में प्रशासन, कलेक्टर ने दी चेतावनी- लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
By, वामन पोटे
राजस्व से जनसुनवाई तक एक्शन मोड में प्रशासन, कलेक्टर ने दी चेतावनी- लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
बैतूल, 24 जून ।। खरीफ सीजन की तैयारियों, लंबित राजस्व मामलों के निपटारे और आम नागरिकों की शिकायतों के समाधान को लेकर जिला प्रशासन ने मंगलवार को सख्त रुख अपनाया। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने एक ही दिन में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक, किसानों के लिए डीजल उपलब्धता संबंधी व्यवस्था और जनसुनवाई के जरिए प्रशासनिक मशीनरी को स्पष्ट संदेश दिया कि लंबित मामलों में ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्ट्रेट में आयोजित राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने जिलेभर में लंबित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, रास्ता चिन्हांकन और अभिलेख दुरुस्ती के मामलों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक के दौरान अविवादित नामांतरण मामलों में धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने भीमपुर तहसील के लंबित प्रकरणों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। वहीं विवादित नामांतरण प्रकरणों के निराकरण में संतोषजनक प्रगति नहीं मिलने पर चोपना के नायब तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। अविवादित बंटवारा मामलों की समीक्षा में भी आमला और मुलताई तहसीलों को प्रगति बढ़ाने तथा भीमपुर में कम प्रगति पर जवाबदेही तय करने की बात कही गई।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सीमांकन, रास्ता चिन्हांकन और अभिलेख सुधार से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए। उन्होंने साइबर तहसील की लंबित रिपोर्ट शीघ्र भेजने, धारणाधिकार प्रकरणों में अभिमत सहित प्रस्ताव प्रस्तुत करने तथा भूमि आवंटन संबंधी मामलों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। राजस्व वसूली के लक्ष्य पूरे करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
इधर, खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ किसानों की जरूरतों को देखते हुए जिला प्रशासन ने डीजल उपलब्धता को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिला आपूर्ति अधिकारी कृष्ण कुमार टेकाम ने बताया कि जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश जारी किए गए हैं कि आवश्यक दस्तावेजों और पहचान पत्र के सत्यापन के बाद किसानों को प्लास्टिक केनों में अधिकतम 50 लीटर तक डीजल उपलब्ध कराया जाए।
प्रशासन का मानना है कि बुवाई और कृषि कार्यों के दौरान डीजल की निर्बाध उपलब्धता किसानों के लिए बेहद जरूरी है। यही वजह है कि पेट्रोल पंपों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे सुरक्षा मानकों और शासन के प्रावधानों का पालन करते हुए डीजल वितरण सुनिश्चित करें। आदेशों की अवहेलना या किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उधर, साप्ताहिक जनसुनवाई में भी प्रशासन का सख्त और संवेदनशील रवैया देखने को मिला। कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने नागरिकों की समस्याएं सुनते हुए कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों से चर्चा कर समाधान कराया, जबकि शेष मामलों के लिए समय सीमा निर्धारित की गई।
जनसुनवाई में कोठीबाजार निवासी पिंकी साहू ने पति की मृत्यु के बाद स्वीकृत आर्थिक सहायता राशि नहीं मिलने की शिकायत की। इस पर कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी से तत्काल जानकारी लेकर उसी दिन निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रकरण का समाधान नहीं हुआ तो संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी और संकुल प्राचार्य के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आईं। ग्राम बघोली की उषा माकोड़े ने अवैध नाली निर्माण, तीवरखेड़ा के सहदेव ने खेत में रिटेनिंग वॉल निर्माण और छात्रा गीतांजलि नरवरे ने छात्रवृत्ति नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भूमि और सीमांकन से जुड़े मामलों में भी प्रशासन सक्रिय नजर आया। बडोरा की सकून बाई मौखेड़े तथा आठनेर क्षेत्र के भगवत राव द्वारा सीमांकन नहीं होने की शिकायत पर संबंधित राजस्व अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं भीमपुर क्षेत्र के चुनालोमा गांव से अवैध कब्जे की शिकायत मिलने पर तहसीलदार को जांच कर शीघ्र कार्रवाई करने को कहा गया।
जनसुनवाई में पेयजल संकट भी प्रमुख मुद्दा बनकर उभरा। आमला तहसील के बड़गांव गांव के ग्रामीणों ने पेयजल समस्या का आवेदन दिया, जिस पर जनपद पंचायत सीईओ को तत्काल जांच और समाधान के निर्देश दिए गए। बरसाली गांव में नाले पर अतिक्रमण कर जल निकासी बाधित करने की शिकायत पर भी जांच के आदेश दिए गए। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
प्रशासनिक बैठकों और जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर का स्पष्ट संदेश रहा कि आम जनता से जुड़े मामलों में देरी और लापरवाही अब स्वीकार नहीं की जाएगी। जिले में राजस्व प्रकरणों के निपटारे से लेकर किसानों की जरूरतों और नागरिक समस्याओं के समाधान तक प्रशासन ने जवाबदेही और समयबद्ध कार्रवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के संकेत दिए हैं।