दतिया उपचुनाव: टिकट बदलने के फैसले पर भाजपा में बगावत, जिलाध्यक्ष समेत पूरी कार्यकारिणी का सामूहिक इस्तीफा
By, वामन पोटे
दतिया उपचुनाव: टिकट बदलने के फैसले पर भाजपा में बगावत, जिलाध्यक्ष समेत पूरी कार्यकारिणी का सामूहिक इस्तीफा
दतिया, 11 जुलाई । मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर घोषित उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रत्याशी बदलने के फैसले ने जिले में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर पूर्व संभागीय संगठन मंत्री आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया। नाराज कार्यकर्ताओं ने शहर में प्रदर्शन करते हुए मुख्य हाईवे पर जाम लगा दिया, टायर जलाए और देर रात तक नारेबाजी जारी रखी। वहीं, भाजपा के जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह ने जिला कार्यकारिणी और विभिन्न संगठनात्मक पदाधिकारियों के साथ सामूहिक इस्तीफे की घोषणा कर संगठन को बड़ा झटका दिया है।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में नरोत्तम मिश्रा समर्थक भाजपा कार्यालय और मुख्य मार्ग पर एकत्र हुए। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ नारे लगाए और टिकट बदलने के फैसले को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के कारण दतिया से झांसी और ग्वालियर की ओर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया और यातायात को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट करना पड़ा। कई वाहन घंटों तक जाम में फंसे रहे।
राजनीतिक घटनाक्रम के बीच भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह ने प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को संबोधित पत्र में सामूहिक इस्तीफे की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि पार्टी द्वारा दतिया उपचुनाव के लिए लिया गया निर्णय एकतरफा है और इससे वर्षों से संगठन के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हुई है।
इस्तीफा पत्र के अनुसार, जिलाध्यक्ष के साथ जिला कार्यकारिणी, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, बड़ौनी पंचायत के पदाधिकारी, छह मंडलों के अध्यक्ष, विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारी, दतिया और बड़ौनी के पार्षद तथा विधानसभा क्षेत्र के 281 बूथ अध्यक्ष और उनकी कार्यकारिणी ने भी अपने दायित्वों से सामूहिक इस्तीफा देने का निर्णय लिया है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि अगले 24 घंटे के भीतर पार्टी नेतृत्व डॉ. नरोत्तम मिश्रा को प्रत्याशी घोषित नहीं करता है तो संबंधित पदाधिकारी और कार्यकर्ता भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा देंगे तथा फैसले का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेंगे।
प्रदर्शन कर रहे समर्थकों का कहना है कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने वर्षों तक दतिया का प्रतिनिधित्व किया है और क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका दावा है कि मिश्रा पिछले लंबे समय से उपचुनाव की तैयारियों में सक्रिय थे और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने का कार्य कर रहे थे। ऐसे में अचानक टिकट बदलने का निर्णय कार्यकर्ताओं की भावनाओं के विपरीत है।
कुछ समर्थकों ने यह भी आरोप लगाया कि नए प्रत्याशी आशुतोष तिवारी की क्षेत्र में पर्याप्त पहचान नहीं है। उनका कहना था कि अभी केवल सीमित संख्या में कार्यकर्ता सड़क पर उतरे हैं और यदि व्यापक स्तर पर विरोध शुरू हुआ तो आंदोलन और तेज हो सकता है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक पार्टी अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं करेगी, आंदोलन जारी रहेगा।
देर रात तक भाजपा कार्यालय के सामने कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति सामान्य करने का प्रयास करते रहे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।
इधर, राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज है कि नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को दिल्ली जाकर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर टिकट पर पुनर्विचार की मांग करेगा। सूत्रों के अनुसार, डॉ. नरोत्तम मिश्रा के भी दिल्ली पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दतिया उपचुनाव को भाजपा के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा है। ऐसे समय में टिकट वितरण के बाद सामने आई संगठनात्मक नाराजगी ने पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व असंतुष्ट नेताओं और कार्यकर्ताओं को मनाने में कितना सफल होता है और क्या उम्मीदवार को लेकर लिए गए फैसले में कोई बदलाव किया जाता है। फिलहाल दतिया की राजनीति में असमंजस और सियासी हलचल का दौर जारी है।