राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन पर भाजपा का पलटवार, भोपाल में सांकेतिक मार्च; हेमंत खंडेलवाल बोले- ‘यह चेतावनी है, जरूरत पड़ी तो आंदोलन होगा’
By, वामन पोटे
राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन पर भाजपा का पलटवार, भोपाल में सांकेतिक मार्च; हेमंत खंडेलवाल बोले- ‘यह चेतावनी है, जरूरत पड़ी तो आंदोलन होगा’
भोपाल, 22 जुलाई । कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए गए प्रदर्शन के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को भोपाल में सांकेतिक विरोध मार्च निकालकर कांग्रेस पर लोकतांत्रिक मर्यादाओं के उल्लंघन और अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की, जबकि दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में गुलाब के फूल लेकर भाजपा नेताओं के इंतजार में खड़े रहे।
भाजपा का यह प्रदर्शन राजधानी भोपाल की लिंक रोड नंबर-1 पर आयोजित किया गया। प्रदर्शन करीब दस मिनट तक चला, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के चलते सड़क लगभग दो घंटे तक बंद रही। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर यातायात रोक दिया था, जिससे आसपास के मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि यह केवल सांकेतिक विरोध है और कांग्रेस के लिए चेतावनी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री आवास के सामने प्रदर्शन कर लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लंघन किया है। उनके अनुसार कांग्रेस देश में अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास कर रही है और विदेशों में भी भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने का काम करती रही है।
खंडेलवाल ने कहा, “यह प्रदर्शन कांग्रेस के खिलाफ है। यदि कांग्रेस अपनी कार्यशैली नहीं बदलती तो इसे केवल शुरुआत समझा जाए। आने वाले समय में प्रदेश और देशभर में इसी प्रकार के प्रदर्शन किए जाएंगे। अगर कांग्रेस सुधर गई तो यही अंतिम प्रदर्शन होगा, अन्यथा आंदोलन और व्यापक होगा।”
छात्र आंदोलन और राहुल गांधी की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच भाजपा ने इस प्रदर्शन को कांग्रेस की राजनीति का जवाब बताया। छात्र आंदोलन से जुड़े सवाल पर खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में कार्रवाई होगी, लेकिन किसी को भी अराजकता फैलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
उधर, प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा नेताओं के स्वागत के लिए हाथों में गुलाब के फूल लेकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। हालांकि भाजपा का मार्च बैरिकेडिंग तक ही सीमित रहा और पार्टी नेताओं ने वहीं संक्षिप्त सभा को संबोधित कर प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरोलिया ने भाजपा के प्रदर्शन की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस नफरत नहीं बल्कि मोहब्बत की राजनीति में विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार युवाओं और छात्रों के मुद्दे उठा रहे हैं, जबकि भाजपा असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।
बरोलिया ने कहा, “देश के छात्रों के भविष्य पर संकट है और भाजपा नेताओं को इस पर चिंता करनी चाहिए। यदि किसी का घेराव होना चाहिए तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री के आवास का होना चाहिए। हम तो गुलाब लेकर खड़े थे क्योंकि हमारा जवाब हिंसा नहीं, संवाद है।”
भाजपा कार्यकर्ता प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस और राहुल गांधी के विरोध में लिखी तख्तियां लेकर पहुंचे। कई तख्तियों पर “लोकतंत्र की हत्यारी कांग्रेस” जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हुआ, लेकिन कुछ समय तक सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
भोपाल में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के इस आमने-सामने के प्रदर्शन ने प्रदेश की राजनीति को नया रंग दे दिया। दोनों दलों ने एक-दूसरे पर लोकतांत्रिक मूल्यों के उल्लंघन और जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने के आरोप लगाए, जिससे राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।