Madhya Pradesh Latest News

आयकर दिवस विशेष : पांच साल में टैक्स चोरों पर सबसे बड़ी चोट, नेताओं-अफसरों से लेकर उद्योगपतियों तक करोड़ों की काली कमाई बेनकाब

By, वामन पोटे

आयकर दिवस विशेष : पांच साल में टैक्स चोरों पर सबसे बड़ी चोट, नेताओं-अफसरों से लेकर उद्योगपतियों तक करोड़ों की काली कमाई बेनकाब
नई दिल्ली, 24 जुलाई ।
देश में कर चोरी और बेहिसाबी संपत्ति के खिलाफ आयकर विभाग ने पिछले पांच वर्षों में लगातार बड़े अभियान चलाकर नेताओं, नौकरशाहों, कारोबारियों, रियल एस्टेट समूहों और उद्योगपतियों के यहां व्यापक तलाशी अभियान संचालित किए। इन कार्रवाइयों में करोड़ों रुपये की नकदी, सोना-हीरे, फर्जी दस्तावेज, बेनामी निवेश और अघोषित आय के अनेक मामले सामने आए। हालांकि अधिकांश मामलों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है तथा अंतिम दोषसिद्धि होना शेष है। �
Digital Sansad
आयकर विभाग ने इस अवधि में देशभर में ऐसे अनेक हाई-प्रोफाइल सर्च ऑपरेशन किए जिनमें राजनीतिक हस्तियों, सरकारी अधिकारियों, बड़े बिल्डर समूहों, रियल एस्टेट कंपनियों, खनन कारोबारियों, शराब कारोबारियों और कॉर्पोरेट समूहों के परिसरों पर एक साथ छापेमारी की गई। कई मामलों में करोड़ों रुपये की बेहिसाबी नकदी, आभूषण, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेज जब्त किए गए, जबकि जांच के दौरान बड़ी मात्रा में अघोषित आय स्वीकार किए जाने के दावे भी सामने आए। �
Digital Sansad
वर्ष 2022 में देश के कई राज्यों में राजनीतिक रूप से चर्चित तलाशी अभियानों ने राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं। इसके बाद 2023 और 2024 में भी विभिन्न राज्यों में उद्योग समूहों, रियल एस्टेट कंपनियों तथा प्रभावशाली कारोबारियों के यहां कार्रवाई जारी रही। हैदराबाद और बेंगलुरु में एक बड़े रियल एस्टेट समूह से जुड़े परिसरों पर आयकर विभाग की कार्रवाई के दौरान करोड़ों रुपये की बेहिसाबी नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई थी। �
The Times of India
हाल के महीनों में पश्चिम बंगाल में एक विधायक और उनसे जुड़े परिसरों पर आयकर विभाग की कार्रवाई भी चर्चा में रही। इसी तरह विभिन्न राज्यों में कई सरकारी अधिकारियों और कारोबारियों के यहां आयकर तथा प्रवर्तन एजेंसियों ने समानांतर जांच अभियान चलाए। �
The Economic Times +1
कर चोरी के खिलाफ विभाग की कार्रवाई केवल बड़े उद्योगपतियों तक सीमित नहीं रही। हाल ही में उत्तर प्रदेश के मेरठ में सामने आए लगभग 357 करोड़ रुपये के फर्जी आयकर रिफंड घोटाले ने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया। जांच में आरोप है कि हजारों करदाताओं के नाम पर फर्जी कटौतियां दिखाकर करोड़ों रुपये के रिफंड का दावा किया गया। मामले में कई राज्यों तक फैले नेटवर्क की जांच जारी है। �
The Economic Times +1
संसद में सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आयकर विभाग की तलाशी कार्रवाई का उद्देश्य बड़े पैमाने पर कर चोरी का पता लगाना, अघोषित आय को कर दायरे में लाना और कर अनुपालन को मजबूत करना है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि व्यक्तिगत करदाताओं से संबंधित विस्तृत जानकारी आयकर अधिनियम की गोपनीयता संबंधी धाराओं के कारण सार्वजनिक नहीं की जा सकती। �
Digital Sansad +1
उधर, आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी बीते वर्षों में रिकॉर्ड स्तर पर संपत्तियां कुर्क की हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में ईडी द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों का मूल्य 81 हजार करोड़ रुपये से अधिक रहा, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर बताया गया है। �
The Economic Times
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल लेनदेन, डेटा एनालिटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी और जीएसटी, बैंकिंग तथा आयकर डेटाबेस के एकीकरण से कर चोरी छिपाना पहले की तुलना में कहीं अधिक कठिन हो गया है। इसी कारण हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में ऐसे मामलों का खुलासा हुआ है जिनमें बेहिसाबी नकदी, फर्जी बिलिंग, बेनामी निवेश और कर चोरी के संगठित नेटवर्क सामने आए हैं। आयकर दिवस पर यह अभियान इस संदेश को मजबूत करता है कि कर प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विभाग की निगरानी लगातार और अधिक सख्त होती जा रही है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.