उम्र 58, दिल जवानी वाला: ‘शौक से जिंदा रहता है इंसान’ — सुरेश कुमार की इस सलाह ने जीत लिया Gen Z का दिल
By, वामन पोटे
उम्र 58, दिल जवानी वाला: ‘शौक से जिंदा रहता है इंसान’ — सुरेश कुमार की इस सलाह ने जीत लिया Gen Z का दिल
बैतूल : सोशल मीडिया की वर्चुअल दुनिया में आए दिन कोई न कोई वीडियो ऐसा सामने आ जाता है, जो महज मनोरंजन से आगे बढ़कर सीधे दिल को छू जाता है। इन दिनों इंटरनेट पर 58 साल के एक शख्स का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने आज की जनरेशन (Gen Z) को सोचने पर मजबूर कर दिया है। अपनी इस खास सीख और जिंदादिली से उन्होंने साबित कर दिया है कि उम्र महज एक नंबर है, असली चीज तो जीने का अंदाज और शौक है।
वायरल हो रहे इस वीडियो में सुरेश कुमार नाम के 58 वर्षीय शख्स ने युवाओं के लिए एक ऐसा संदेश दिया है, जिसे सुनकर सोशल मीडिया पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। युवा खुलकर कह रहे हैं, “सर, आपने तो हमारा दिल और दिमाग दोनों पढ़ लिया।”
क्या है उस वायरल वीडियो में?
वीडियो की शुरुआत में सुरेश कुमार आज की युवा पीढ़ी को एक बेहद प्रैक्टिकल और गहरी सलाह देते नजर आते हैं। वे कहते हैं, “जवानी में पैसे कम रहते हुए, अगर इच्छाएं आपने दबा दीं, तो बुढ़ापे में पैसा तो बहुत हो जाएगा! लेकिन इच्छाएं खत्म हो जाएंगी। इसीलिए वक्त रहते हुए जो मन कर रहा है, करते जाओ, पैसे के हिसाब से।”
अपनी बात के अंत में उन्होंने एक ऐसा वाक्य कहा, जो आज की पीढ़ी के दिलों में सीधे उतर गया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “चलिए मेरी तो उम्र हो गई 58 साल, फिर भी मैंने शौक पाल रखे हैं, क्योंकि शौक से जिंदा रहता है इंसान।”
बैकग्राउंड में बज रहा मशहूर गाना इस पूरे वीडियो के इमोशन और अंकल के सफर से पूरी तरह मेल खाता है, जो देखने वाले को और अधिक मंत्रमुग्ध कर देता है।
सिर्फ बातें नहीं, कर्म से भी मिसाल हैं सुरेश कुमार
सुरेश कुमार सिर्फ कैमरे पर बड़ी-बड़ी बातें नहीं करते, बल्कि वे अपनी जिंदगी को पूरी शिद्दत से जीते भी हैं। 58 साल की उम्र में भी उनके अंदर का घुमक्कड़ और साहसी इंसान जिंदा है। वे एक apasionate (उत्साही) बाइक राइडर हैं।
उनकी उपलब्धियां किसी युवा के लिए भी बड़े प्रेरणास्त्रोत जैसी हैं:
पूरा देश घूमा: वे अपनी बाइक पर बैठकर भारत के सभी 28 राज्यों की यात्रा कर चुके हैं।
धार्मिक यात्राएं: वे 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर चुके हैं और दो बार चारधाम की कठिन यात्रा भी पूरी कर चुके हैं।
दुर्गम इलाके: लद्दाख, स्पीति घाटी और नॉर्थ ईस्ट के ऊंचे-ऊंचे और चुनौतीपूर्ण पहाड़ों तक वे अपनी बाइक से घूमकर आ चुके हैं।
उनका साफ मानना है कि दुनिया घूमो, नई-नई चीजें देखो और उनसे प्रेरित होकर जीवन को सकारात्मक बनाओ।
Gen Z बोली- ‘दिमाग पढ़ लिया सर’
आज के दौर में अक्सर यह धारणा बना ली जाती है कि नई पीढ़ी केवल शॉर्टकट्स और материальном (भौतिकवादी) चीजों के पीछे भागती है। लेकिन इस वायरल वीडियो ने इस मिथक को तोड़ दिया है। Gen Z ने सुरेश कुमार की इस सीख को हाथों-हाथ लिया है।
इंस्टाग्राम पर इस वीडियो को अब तक 58 हजार से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं और कमेंट सेक्शन युवाओं की प्रतिक्रियाओं से पटा पड़ा है।
एक यूजर ने लिखा, “शौक से जिंदा रहता है इंसान वाली लाइन ने सीधा दिल छू लिया।”
दूसरे यूजर ने उनकी बात से सहमत होते हुए कहा, “सर, आपने सच में हमारा दिमाग पढ़ लिया।”
एक अन्य यूजर ने आभार जताते हुए लिखा, “आज की जनरेशन को एक जरूरी और सही संदेश देने के लिए बहुत-печат धन्यवाद!”
चौथे यूजर ने लिखा, “उम्र चाहे जो हो, अगर हौसला हो तो एक दिन सारे सपने जरूर पूरे होंगे।”
नजरिया: क्यों खास है यह संदेश?
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में, जहां कॉर्पोरेट कल्चर, ईएमआई और भविष्य की सुरक्षा के चक्कर में युवा अपनी जवानी के शुरुआती साल सिर्फ पैसा कमाने में झोंक देते हैं, वहां सुरेश कुमार जैसी शख्सियत एक आईना दिखाती हैं। यह कहानी हमें याद दिलाती है कि जीवन सिर्फ बैंक बैलेंस बढ़ाने का नाम नहीं है, बल्कि उन अनुभवों और पलों का संग्रह है, जिन्हें हम जीते हैं।
सुरेश कुमार ने यह बता दिया है कि बुढ़ापा शरीर से आता है, विचारों से नहीं। यदि आपके दिल में शौक जिंदा हैं, तो आप किसी भी उम्र में जवान और जीवंत बने रह सकते हैं। यह वायरल वीडियो सिर्फ एक इंटरनेट ट्रेंड नहीं, बल्कि एक जीवन दर्शन है, जिसे हर पीढ़ी को अपने जेहन में रखना चाहिए।