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शराब वाले बयान पर पीछे हटने को तैयार नहीं MP कांग्रेस चीफ, अब दिखाए आंकड़े

By,वामन पोटे

शराब वाले बयान पर पीछे हटने को तैयार नहीं MP कांग्रेस चीफ, अब दिखाए आंकड़े

मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की ओर से राज्य की महिलाओं को कथित तौर पर ‘शराबी’ बताने वाले बयान को लेकर राज्य की राजनीति में उफान आ गया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जहां इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से माफी की मांग करते हुए उनसे प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को पद से हटाए जाने की अपेक्षा की है, वहीं एमपी कांग्रेस चीफ ने सोशल मीडिया पर इससे जुड़े आंकड़े पेश कर दिए। जीतू अपने बयान से पीछे हटने को भी तैयार नहीं हैं।

सीएम मोहन यादव ने अपने बयान में कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बहनों को लेकर जिस प्रकार का बयान दिया है, ये उनकी छोटी मानसिकता है। उनका बहनों को शराबी बताना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। इसे मध्यप्रदेश बर्दाश्त नहीं करेगा। कुछ दिन पहले कांग्रेस के ही एक और नेता ने कहा था कि लाड़ली बहनों को बोरे में बंद कर देंगे। मोहन यादव ने कहा कि हरतालिका तीज के पावन पर्व के दिन बहनों का यह अपमान राज्य सरकार और भारतीय जनता पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को माफी मांगनी चाहिए और मध्यप्रदेश की बहनों को अपमानित करने वाले को पद से हटाना चाहिए।

इसी बीच जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा, ”मध्यप्रदेश में हाल के वर्षों में महिलाओं और युवाओं के बीच शराब के सेवन/लत में चिंताजनक वृद्धि देखी गई है, जिसका प्रमाण राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे (NFHS) और सरकारी रिपोर्ट्स में भी मिलता है। महिलाओं में शराब सेवन : एनएफएचएस रिपोर्ट के अनुसार, राज्य की 1.6 प्रतिशत महिलाएं शराब का सेवन करती हैं, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं 2.1 और शहरी क्षेत्रों की महिलाएं 0.6 प्रतिशत शामिल हैं. 2015-16 (एनएफएचएस-4) के मुकाबले ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के शराब सेवन में बढ़ोतरी दर्ज की गई है! उधर, शहरी क्षेत्र के आंकड़े भी चिंता बढ़ाने वाले हैं!’
इसके पहले कल जीतू पटवारी ने संवाददाताओं से चर्चा के दौरान कहा था, ”राज्य को तमगा मिला है कि महिलाएं अगर कहीं सबसे ज्यादा शराब पीतीं हैं तो वो मध्यप्रदेश में पीती हैं। समृद्ध मध्यप्रदेश का सपना देखने वाली भाजपा ने ये हालात कर दिए हैं मध्यप्रदेश के।”

Conversation

Jitendra (Jitu) Patwari

@jitupatwari

मोहन बाबू, मध्यप्रदेश में हाल के वर्षों में महिलाओं और युवाओं के बीच शराब के सेवन/लत में चिंताजनक वृद्धि देखी गई है, जिसका प्रमाण राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे (NFHS) और सरकारी रिपोर्ट्स में भी मिलता है! ✓ महिलाओं में शराब सेवन : – NFHS-5 रिपोर्ट के अनुसार, राज्य की 1.6% महिलाएं शराब का सेवन करती हैं, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं 2.1% और शहरी क्षेत्रों की महिलाएं 0.6% शामिल हैं. – 2015-16 (NFHS-4) के मुकाबले ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के शराब सेवन में बढ़ोतरी दर्ज की गई है! उधर, शहरी क्षेत्र के आंकड़े भी चिंता बढ़ाने वाले हैं! – मध्यप्रदेश के कई जिलों में महिलाएं शराब की अवैध बिक्री का विरोध कर रही हैं! पिछले दिनों खरगोन में 100 से ज्यादा महिलाओं ने सड़क तक जाम कर दी थी! – शराब की अवैध बिक्री, गुजरात के सीमावर्ती जिलों से अवैध परिवहन, शराब को लेकर घरेलू हिंसा और बढ़ते अपराध, शराब के कारण छोटे बच्चों का उत्पीड़न भी बढ़ गया है! ✓ युवाओं में नशे की प्रवृत्ति : – बीते दशक में मध्यप्रदेश में शराब की कुल खपत में 23% (IMFL) और 14% (बीयर) की वृद्धि सरकारी रिपोर्टों में दर्ज हुई है! – भोपाल, इंदौर जैसे प्रमुख शहरी केंद्रों में युवा आबादी के बीच विदेशी शराब, मॉल्ट और वाइन की मांग में भी तेज़ इजाफा हुआ है. – ‘नशे से दूरी है जरूरी’ जैसे सरकारी अभियानों की #नौटंकी के बावजूद स्थिति नियंत्रण से बाहर क्यों होती चली जा रही है? मुख्यमंत्री जी, गरीबी और बेरोजगारी जैसी ढेरों समस्याओं के कारण शराब मप्र के भविष्य को तेजी से बर्बाद कर रही है! मैं बहुत साफ शब्दों में यह भी कहना चाहता हूं कि शराब राजनीतिक विरोध नहीं, आर्थिक और सामाजिक बदहाली का मुद्दा है! मप्र के युवाओं एवं महिलाओं को नशे से बचाना हमारी सामूहिक चिंता, चिंतन और सामाजिक सरोकार होना ही चाहिए! बेहतर यही होगा मीडिया के जरिए झूठ एवं भ्रम फैलाने की बजाय प्रदेश के भविष्य को सुधारने और संवारने का ईमानदार प्रयास करें! यदि आप अपने मप्र को आबाद करने का, आधार नहीं बन पा रहे हैं, तो बर्बादी, का बयान बनने से बचें!

@BJP4MP

@BJP4India

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