बैतूल में स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने पर जोर, वुडन क्राफ्ट्स के रिसॉर्ट में आउटलेट बनाने के निर्देश
By, वामन पोटे
बैतूल में स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने पर जोर, वुडन क्राफ्ट्स के रिसॉर्ट में आउटलेट बनाने के निर्देश
बैतूल, 11 सितंबर । मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत बैतूल जिले में स्थानीय उत्पादों, प्राकृतिक खेती और किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रशासन ने बाजार से बेहतर जुड़ाव पर जोर दिया है। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने शाहपुर में उद्यमियों से संवाद करते हुए चोपना के वुडन क्राफ्ट्स को पर्यटन और बाजार से जोड़ने के लिए रिसॉर्ट तथा जिला मुख्यालय में बिक्री केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए। वहीं कृषि विभाग के संचालक उमाकांत भार्गव ने जिले के भ्रमण के दौरान किसानों को फसल विविधीकरण, प्राकृतिक कृषि, दलहन और मिलेट फसलों को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
एकलव्य विद्यालय शाहपुर में आयोजित उद्यमी संवाद कार्यक्रम में कलेक्टर ने स्थानीय उद्यमियों से उनके उत्पादों, समस्याओं और बाजार की संभावनाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और प्रभावी बाजार संपर्क पर भी ध्यान देना जरूरी है।
कलेक्टर ने चोपना के वुडन क्राफ्ट्स की कलाकृतियों को विभिन्न रिसॉर्ट और जिला मुख्यालय में आउटलेट के माध्यम से प्रदर्शित एवं विक्रय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कारीगरों को लकड़ी से खिलौने और अन्य आकर्षक उपयोगी उत्पाद तैयार करने के साथ छोटे-छोटे स्मृति चिन्ह विकसित करने के लिए प्रेरित किया, ताकि जिले में आने वाले पर्यटक इन्हें आसानी से खरीद सकें।
वुडन क्राफ्ट्स का काम सीखने के इच्छुक लोगों को प्रशिक्षण के दौरान मानदेय उपलब्ध कराने की उद्यमियों की मांग पर कलेक्टर ने कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत वुडन क्राफ्ट्स के विस्तार और प्रशिक्षण का प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण, उत्पादन और बाजार को एक-दूसरे से जोड़कर स्थानीय कारीगरों की आय बढ़ाई जा सकती है।
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना से लाभान्वित छोटे उद्यमियों के उत्पादों का भी अवलोकन किया। उन्होंने उद्यमियों को सतपुड़ांचल समूह से निर्माण, पैकेजिंग और विपणन के संबंध में मार्गदर्शन लेने को कहा। अधिकारियों को गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार कराने, बेहतर पैकेजिंग विकसित करने और बाजार से जोड़ने के लिए आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने पीएम विश्वकर्मा योजना के हितग्राहियों से संवाद करते हुए वुडन क्राफ्ट्स में रुचि रखने वाले लोगों को इस कार्य से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा। कलेक्टर ने सतपुड़ांचल समूह के उत्पादों की गुणवत्ता और आकर्षक पैकेजिंग की सराहना करते हुए स्थानीय उत्पादों की पहचान स्थापित करने के लिए निरंतर नवाचार और बेहतर विपणन पर जोर दिया।
इसी अभियान के तहत मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक ऋषि गर्ग ने बैतूल वृत्त में विद्युत प्रदाय व्यवस्था, राजस्व संग्रहण, अधोसंरचना विकास और मैदानी कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने तथा कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
गर्ग ने जन संपर्क अभियान से पहले घर-घर सर्वे कराने और उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शन, मीटर, बिलिंग तथा अन्य समस्याओं की जानकारी जुटाने को कहा। उन्होंने अधिक बकाया वाले क्षेत्रों में विशेष वसूली अभियान चलाने और असंतोषजनक कार्य प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने मानसून को देखते हुए ट्रांसफार्मर के रखरखाव, बिजली लाइनों की गश्त और लाइनों के आसपास पेड़ों की शाखाओं की कटाई-छंटाई समय पर कराने को कहा। बाद में उन्होंने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत योजनाओं के भौतिक कार्यों का निरीक्षण किया। आमला क्षेत्र के 33/11 केवी उपकेंद्र और बोरदेही के बेहड़ी वितरण केंद्र का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा उपकरणों, पावर ट्रांसफार्मर और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
उधर, कृषि विभाग के संचालक उमाकांत भार्गव ने भी मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत जिले का भ्रमण किया। उन्होंने शाहपुर विकासखंड के कुंडी में प्राकृतिक कृषि की बीआरसी इकाई का निरीक्षण किया और प्राकृतिक खेती से मृदा स्वास्थ्य सुधारने, लागत घटाने तथा पर्यावरण अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
बैतूल विकासखंड के साकादेही में उन्होंने दलहन मिशन के तहत अरहर फसल प्रदर्शन देखा। मुलताई विकासखंड के घाटपिपरिया में किसान राकेश बिहारे के खेत में मिलेट मिशन के तहत कुटकी फसल का अवलोकन किया। उन्होंने किसानों से स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार फसल प्रबंधन अपनाने और पारंपरिक फसलों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का आह्वान किया।
कृषक संवाद में भार्गव ने कहा कि एक-दो फसलों पर निर्भरता कम कर दलहन, तिलहन और मिलेट को कृषि प्रणाली में शामिल करने से मौसम तथा बाजार जोखिम कम किया जा सकता है। उन्होंने मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित उर्वरक उपयोग तथा प्राकृतिक एवं जैविक संसाधनों के समुचित इस्तेमाल पर भी जोर दिया। अधिकारियों को कृषि योजनाओं और आधुनिक तकनीक का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।