खंडेलवाल युग की सड़क से सब परेशान ,ठेकेदार की मौज
कलेक्टर का पैदल मार्च, देखनी पड़ी व्हाइट टॉपिंग सड़क ,यातायात व्यवस्था और अतिक्रमण
बैतूल।।व्हाइट टॉपिंग सड़क के निर्माण में उच्च लागत आती है, जिससे यह तकनीक कुछ परियोजनाओं के लिए कम आकर्षक हो सकती है। वही इस तकनीकी से बनने वाली सड़क के निर्माण में विशेषज्ञता और अनुभवी श्रमिकों की आवश्यकता होती है,जो इस तकनीक की सड़क बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।परन्तु बीते तीन महीने से बन रही यह सड़क शहर और गांव से आने वाले आम जनों के लिए सिर दर्द बन गई है।कोठी बाजार से खरीदी करने वालों ने इस सड़क से आने जाने में तौबा कर ली है ।अब कलेक्टर के पैदल मार्च से आम जन और व्यापारी को उम्मीद है कि अतिक्रमण और जाम से मुक्ति मिलेगी ?
बैतूल शहर में बन रही नई तकनीक की सड़क (व्हाइट टॉपिंग) सड़क के कारण यातायात अव्यवस्थित हो गया है। इसी स्थिति का जायजा लेने शुक्रवार की शाम कलेक्टर स्वयं सड़क पर उतरे और करीब दो सी तीन किलोमीटर पैदल भ्रमण किया। कलेक्टर ने लल्ली चौक से थाना चौक और मस्जिद चौक से टिकारी पुलिया तक पैदल घूमकर सड़क निर्माण कार्य और उसके आसपास फैले अतिक्रमण का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने सड़क पर खड़े वाहनों पर चालानी कार्रवाई करवाई और नगरपालिका अमले को दुकानों के सामने सड़क तक लगे शेड्स हटवाने के निर्देश दिए।
भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने देखा कि लोगों ने दुकानों के सामने ही वाहन खड़े कर रखे हैं। कलेक्टर को देखते ही लोग तत्काल वाहन हटा ले गए। शाम तक जिस सड़क पर अव्यवस्था फैली थी, वहां सफाई और व्यवस्थाएं सुधर गईं।
निरीक्षण के दौरान सीएमओ सतीश मटसेनिया, नगरपालिका का अमला, ट्रैफिक पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
कलेक्टर को निर्माण में आ रही समस्या बताईं
ठेकेदार कपिल शर्मा ने कलेक्टर को निर्माण में आ रही परेशानियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि बिजली विभाग द्वारा सड़क किनारे खंभे न हटाने से लल्ली चौक से कलेक्ट्रेट की ओर जाने वाली सड़क का आधा हिस्सा अधूरा है। इस पर कलेक्टर ने मौके पर ही मौजूद बिजली विभाग के डीई को खंभे हटाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कांग्रेस कार्यालय की जमीन पर लगे शेड्स हटाने, दुकानों के सामने खड़े वाहनों को व्यवस्थित करने और अतिक्रमण हटाने के भी सख्त निर्देश दिए। थाने के पास गंदगी देखकर वे नपा अमले पर भड़क भी उठे। उन्होंने नगरपालिका अमले से शनिवार को फॉलोअप रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
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