नायब तहसीलदार ने अचानक जोर से मारा थप्पड़, जमीन पर गिर पड़ा किसान; हालत गंभीर, डॉक्टर को मरीज ने भेजे 5000 अश्लील मैसेज, एक दिन में 1000 कॉल, हमले की कोशिश भी
By,वामन पोटे
नायब तहसीलदार ने अचानक जोर से मारा थप्पड़, जमीन पर गिर पड़ा किसान; हालत गंभीर
लखनऊ में अवैध कब्जा हटाने गई टीम में शामिल नायब तहसीलदार ने एक किसान को थप्पड़ मारा, जिससे वह किसान जमीन पर गिर गया। ग्रामीणों द्वारा उसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।
लखनऊ में सोमवार को अवैध कब्जा हटाने गई नगर निगम की टीम में शामिल एक नायब तहसीलदार ने एक किसान को अचानक इतनी जोर से थप्पड़ मारा कि वह जमीन पर गिर गया। उसके कान से खून निकलने लगा। कुछ ही देर में वह बेहोश हो गया। पुलिसवालों ने किसी तरह किसान को उठाकर सामान्य करने की कोशिश की लेकिन उसकी हालत ठीक नहीं हुई। यहां तक कि उसे अस्पताल ले जाना पड़ा। ग्रामीणों ने एंबुलेंस बुलाकर उसे पहले गोसाईगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे पहले सिविल अस्पताल फिर पीजीआई के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। किसान की हालत बिगड़ती देख नायब तहसीलदार मौके से भाग निकले। किसान की हालत अब भी गंभीर बताई जा रही है।
यह मामला लखनऊ नगर निगम के मिर्जापुर मस्तेमऊ गांव का है। वहां नगर निगम के नायब तहसीलदार रत्नेश श्रीवास्तव, लेखपाल सुभाष कौशल, राकेश कुमार, लालू प्रसाद अपनी टीम और पुलिस बल के साथ अवैध कब्जा हटाने पहुंचे थे। किसान राम मिलन, जो एक दलित ग्रामीण हैं, अपनी जमीन को पुश्तैनी बताते हुए तीन पीढ़ियों के कागज़ात दिखा रहे थे।
मिली जानकारी के अनुसार राममिलन का कहना था कि यह जमीन उनकी पुश्तैनी है। नवाबों के समय से यह जमीन उनके पास है। उन्होंने तीन पीढ़ी से चले आ रहे कागजात दिखाए। आरोप है कि इसी दौरान नायब तहसीलदार को गुस्सा आ गया और उन्होंने राममिलन को जोर से थप्पड़ मार दिया।
इस घटना का एक कथित वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। हालांकि ‘लाइव हिन्दुस्तान’ वायरल हो रहे वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि बहस के दौरान अचानक नायब तहसीलदार को गुस्सा आ गया। उन्होंने किसान को थप्पड़ मार दिया। थप्पड़ इतना ज़ोरदार था कि राम मिलन जमीन पर गिर पड़े। उनके कान से खून निकलने लगा और वह बेहोश हो गए। बताया जा रहा है कि किसान की हालत बिगड़ते देख नायब तहसीलदार रत्नेश श्रीवास्तव अपनी टीम के साथ मौके से भाग निकले। इसके बाद, ग्रामीणों ने किसान को गोसाईगंज सीएचसी पहुंचाया, जहां से उसे सिविल अस्पताल और फिर पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। किसान की हालत अभी भी नाजुक बताई जा रही है।

लोहिया की डॉक्टर को मरीज ने भेजे 5000 अश्लील मैसेज, एक दिन में 1000 कॉल, हमले की कोशिश भी
यूपी की राजधानी लखनऊ में लोहिया अस्पताल की डॉक्टर को मरीज ने 5 हजार अश्लील मैसेज भेजे। एक दिन एक हजार कॉल की। यही डॉक्टर पर जानलेवा हमले की कोशिश भी की। पीड़िता की शिकायत पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
राजधानी लखनऊ के लोहिया अस्पताल की एक असिस्टेंट प्रोफेसर को मरीज ने एक दिन में एक हजार से अधिक बार फोन किया और पांच हजार से अधिक अश्लील मैसेज भेजे। डॉक्टर के विरोध पर उन्हें धमकी दी। जानलेवा हमले का प्रयास किया। पीड़िता ने 1090 पर सूचना दी। विभूतिखंड पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया।
इंस्पेक्टर विभूतिखंड सुनील कुमार सिंह के मुताबिक आरोपी महेश तिवारी बस्ती का रहने वाला है। उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उसका कुछ माह पूर्व लोहिया में ऑपरेशन हुआ था। डॉक्टर ने ही उसका इलाज भी किया था। उसी दौरान उसे डॉक्टर का नंबर मिल गया और वह परेशान करने लगा था। महिला डॉक्टर के मुताबिक 19 अगस्त को वह ओपीडी से कुछ दूरी पर स्थित अपने फ्लैट में जाने के लिए निकली थी। महेश तिवारी उनका पीछा करते हुए पहुंच गया। वह अपार्टमेंट के बेसमेंट में खड़ी लिफ्ट का इंतजार कर रही थी। महेश ने पीछे से उन पर वार करने का प्रयास किया। गार्ड ने यह देखकर उसे दौड़ाया और पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पीछा करता था महेश
पीड़िता ने बताया कि महेश तिवारी काफी दिन से उन्हें परेशान कर रहा था। इसकी शिकायत उन्होंने 12 मई को वीमेन पावर लाइन 1090 में की थी। पुलिस ने उसे फोन कर समझाया भी था। कुछ दिन शांत रहा इसके बाद फिर वही हरकतें करने लगा था। वह बस्ती से लखनऊ आकर ओपीडी के बाहर खड़ा रहता था। पीछा करता था।
जान का खतरा महेश से, अकेले फ्लैट जाना कर दिया था बंद
डॉ. ने पुलिस को बताया कि वह महेश की हरकतों से काफी डरी हुई थी। उन्हें अकेले फ्लैट पर जाने से डर लगने लगा था। वह सुरक्षा की दृष्टिगत जब छुट्टी के बाद फ्लैट पर जाती तो ओपीडी से किसी न किसी गार्ड को लेकर जाती थी। महेश से उन्हें जान का खतरा हो गया था। वह बेहद डरी डरी रहने लगी थी।।साभार।।
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