छात्रा का आवेदन देख कलेक्टर ने तुरंत दिए रुपये, कही दिल को छू लेने वाली बात, रुला देगी कृतिका के संघर्ष की कहानी
By,वामन पोटे
छात्रा का आवेदन देख कलेक्टर ने तुरंत दिए रुपये, कही दिल को छू लेने वाली बात, रुला देगी कृतिका के संघर्ष की कहानी
Jhabua News: झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना ने एक छात्रा की मदद की है। छात्रा की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। कलेक्टर ने छात्रा को 40 हजार रुपये दिए। उनकी तारीफ हो रही है।
झाबुआ: मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले की एक छात्रा ने संघर्ष से सफलता की कहानी लिखी है। छात्रा के सफलता की कहानी में कलेक्टर का भी साथ मिला है। छात्रा कृतिका कटारा झाबुआ जिले के छोटे से गांव रातीमाली (पारा) की रहने वाली हैं। एक किसान परिवार से होने के कारण बचपन से ही मैंने जीवन में कठिनाइयां और संघर्ष देखे हैं। पढ़ाई के प्रति उनका बचपन से ही जुनून था। विपरीत परिस्थियों में भी उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी।
गांव से की शुरुआती पढ़ाई
कृतिका ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव से शुरू की। गांव के स्कूल में उन्होंने पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई की। उसके बाद छठी से बारहवीं तक की पढ़ाई कन्या विद्यालय कुक्षी से पूरी की। हालांकि उन्हें अपनी पढ़ाई के दौरान कई बार संसाधनों की कमी हुई लेकिन हार नहीं मानी। 12वीं की पढ़ाई के बाद उन्होंने डॉक्टर बनने का फैसला किया। उन्होंने संसाधन को कभी भी अपने डॉक्टर बनने के सपने में आड़े नहीं आने दिया।
नीट एग्जाम क्लियर किया
बारहवीं के बाद उनका सपना था डॉक्टर बनने का, जिसके लिए उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से नीट की तैयारी की। कई बार तकनीकी कठिनाइयां और आर्थिक परेशानियां सामने आईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। कठिन परिश्रम से उन्होंने वर्ष 2025 में नीट की परीक्षा पास की और काउंसलिंग में छात्रा का इंदौर का अरविंदो मेडिकल कॉलेज आवंटित हुआ। लेकिन कॉलेज में फीस जमा करने के लिए परिवार के पास पैसे नहीं थे।
कलेक्टर के पास पहुंचीं
कॉलेज में एडमिशन के लिए पैसे नहीं थे। उन्होंने कहा कि माता-पिता खेती करते हैं एवं आर्थिक रूप से सक्षम नहीं थे। ऐसे समय में मंगलवार को आज जनसुनवाई में कलेक्टर नेहा मीणा के सामने अपनी मजबूरी बताई। छात्रा का आवेदन देखने के बाद कलेक्टर नेहा मीना ने तत्काल उसे मंजूरी दी। कलेक्टर ने छात्रा की मदद के लिए 40000 रुपये की आर्थिक सहायता दी और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
कॉलेज में होगा एडमिशन
छात्रा ने कहा कि इस आर्थिक सहायता से उनका मेडिकल कॉलेज में दाख़िला सुनिश्चित हो पायेगा। इस मदद के लिए से उन्होंने कलेक्टर नेहा मीना को हृदय से आभार प्रकट किया और कहा कि यह न सिर्फ एक आर्थिक सहयोग था, बल्कि सपनों को पंख देने जैसा था।
कलेक्टर ने कहा- जिले में आकर सेवा देवा
कलेक्टर ने छात्रा से कहा कि इसी प्रकार मेहनत कर डॉक्टर बन कर अपने जिले में सेवा देने अवश्य आना और अपने जिले के अन्य बच्चों को प्रोत्साहित करना। छात्रा ने कहा कि मेरी यह यात्रा दर्शाती है कि अगर इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो संसाधनों की कमी भी बाधा नहीं बन सकती। मैं भविष्य में एक समर्पित डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहती हूं।
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