एमपी के तीन बड़े अधिकारियों को हटाया, काम में लापरवाही और अनियमितताओं पर सरकार की सख्ती
– मध्यप्रदेश में काम में लापरवाही जरा बर्दाश्त नहीं की जा रही। ऐसे अधिकारियों, कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। नगरीय प्रशासन विभाग में तो अधिकारियों को सीधे निलंबित किया जा रहा है। नगरीय निकायों की कार्य-प्रणाली में अनुशासनहीनता और अनियमितता को लेकर नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। इसी कड़ी में प्रदेश के तीन अधिकारियों को निलंबित कर नगर निकायों से हटा दिया है। नगरीय प्रशासन आयुक्त के निर्देश पर प्रदेशभर में तीन सीएमओ पर ये कार्रवाई की गई है।
शिवपुरी नगर पालिका परिषद में अनियमितताओं पर नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने वर्तमान मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) ईशांक धाकड़ को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही दो पूर्व सीएमओ शैलेष अवस्थी एवं केशव सिंह सगर पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई है।तीनों को नगर निकायों से हटा दिया है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार नगर पालिका परिषद शिवपुरी में अगस्त-2022 से कार्यालयीन अव्यवस्था, कामकाज में लापरवाही और जवाबदेही की कमी देखी जा रही है। निकाय में अनुशासनहीनता और अनियमितता को लेकर कड़ा निर्णय लिया गया।
तीनों अधिकारियों ने व्यवस्था सुधारने के लिए कोई प्रभावी पहल नहीं की
तीनों अधिकारियों की लगातार गंभीर शिकायतों प्राप्त हुईं। शिवपुरी कलेक्टर द्वारा इस संबंध में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया जिसमें कहा गया कि तीनों अधिकारियों ने कार्यालय की व्यवस्था सुधारने के लिए कोई प्रभावी पहल नहीं की। इससे अराजकता एवं अविश्वास का वातावरण बन गया।
ऐसे में नगरीय प्रशासन आयुक्त संकते भोंडवे द्वारा तीनों सीएमओ को निलंबित कर दिया गया। वर्तमान सीएमओ ईशांक धाकड़ को संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन कार्यालय, ग्वालियर मुख्यालय पर भेज दिया गया है। वहीं पूर्व सीएमओ शैलेष अवस्थी व केशव सिंह सगर को निलंबन अवधि के दौरान संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन कार्यालय, इंदौर मुख्यालय में भेजा गया है।

एमपी में दो अधिकारी निलंबित, सेवानिवृत्तों पर भी होगी कार्रवाई, निर्माण एजेंसी पर कराई एफआईआर
मध्यप्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता खराब मिलने पर सख्त कार्रवाई की गई है। प्रदेश के बालाघाट जिले में नल जल योजना की टंकी टूट जाने पर सरकार ने निर्माण एजेंसी पर एफआईआर दर्ज करा दी है। इस मामले में अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गाज गिरी है। दो वरिष्ठ अधिकारी निलंबित कर दिए गए हैं। इतना ही नहीं, सेवानिवृत्त इंजीनियरों पर भी कार्रवाई की जा रही है। उनके विरुद्ध पेंशन नियमों के अंतर्गत कार्रवाई के प्रस्ताव बुलाए गए हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अपर सचिव अभिषेक सिंह ने निलंबन की कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि निलंबन आदेश जारी कर दिए गए हैं।
बालाघाट के लांजी विकासखंड की ग्राम पंचायत बातेगांव 28 अगस्त को टंकी क्षतिग्रस्त हो गई। नलजल योजना के तहत निर्मित 100 केएल क्षमता की यह उच्चस्तरीय टंकी पंचायत को हस्तांतरित की गई थी। टंकी टूट जाने की घटना को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने जिम्मेदार एजेंसी और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की।
टंकी निर्माण में गंभीर त्रुटियां सामने आने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसका निर्माण मैसर्स रायसिंह एण्ड कंपनी बालाघाट द्वारा कराया गया था। विभागीय स्तर पर भी कठोर कदम उठाते हुए उपयंत्री बीएल उद्दे और प्रभारी सहायक यंत्री एचके बागेश्वर को निलंबित कर दिया गया है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अपर सचिव अभिषेक सिंह ने बताया कि निलंबन के आदेश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी कामों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
सेवानिवृत्त के विरुद्ध पेंशन नियमों के तहत कार्रवाई
दो इंजीनियरों के निलंबन के साथ ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई करने में जुटा है।
मामले में कार्यपालन यंत्री और अन्य सहायक यंत्री जो वर्तमान में सेवानिवृत्त हैं,के विरुद्ध पेंशन नियमों के तहत कार्रवाई के लिए प्रमुख अभियंता से प्रस्ताव मांगे गए हैं।
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