जनसंपर्क अधिकारी बैतूल ने जारी की पांच सरकारी खबरें , कूप रिचार्ज में प्रदेश में प्रथम स्थान
By ,वामन पोटे
जनसंपर्क अधिकारी बैतूल ने जारी की पांच सरकारी खबरें
जल गंगा संवर्धन अभियान: बैतूल जिला बना जल संरक्षण में अग्रणी,
कूप रिचार्ज में प्रदेश में प्रथम स्थान
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1 बैतूल 03 मई 2025
मध्यप्रदेश शासन द्वारा दिनांक 30 मार्च से 30 जून 2025 तक संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत बैतूल जिले ने 3800 कूप रिचार्ज के लक्ष्य के विरुद्ध 2777 कूप रिचार्ज का निर्माण प्रारम्भ कर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उल्लेखनीय उपलब्धि कलेक्टर श्री नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अक्षत जैन के कुशल मार्गदर्शन और समन्वित प्रयासों का परिणाम है।
अभियान के तहत जिले में जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में सैकड़ों गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें कूप रिचार्ज, अमृत सरोवर , खेत तलवार सोख्ता गड्ढा निर्माण, जल संरचनाओं की सफाई, जीर्णोद्धार, जन जागरूकता रैली, और जल सम्मेलन शामिल हैं। ग्रामीण स्तर पर जनभागीदारी से इन गतिविधियों को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। यह उपलब्धि जिले के समर्पित प्रशासनिक अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का प्रतीक है।
कूप रिचार्ज से बदलेगी तस्वीर
मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान केवल एक शासकीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन-आंदोलन बन गया। सूखते कुएँ, गिरता जलस्तर और जल संकट की आहट के प्रति प्रशासन ने गांव-गांव जाकर जल संरक्षण की अलख जगाई है।
कलेक्टर श्री नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और सीईओ श्री अक्षत जैन के नेतृत्व में जिले में सैकड़ों कुओं का रिचार्ज कराया जा रहा है। इस कार्य में पंचायतों, स्व-सहायता समूहों और स्वयंसेवियों ने भागीदारी निभा रहे है।
सफलता की कहानी
ड्रिप मल्चिंग से खेती में आई खुशहाली, चंदोरा के कृषक राजेश बारस्कर बने मिसाल
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2 बैतूल 03 मई 2025
प्रभात पट्टन तहसील के ग्राम चांदोरा के कृषक श्री राजेश बारस्कर ने परंपरागत खेती छोड़कर आधुनिक तकनीकों को अपनाते हुए कृषि क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। उन्होंने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में ड्रिप मल्चिंग तकनीक से खेती प्रारंभ की, जिससे उनकी फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में आश्चर्यजनक वृद्धि हुई है। कृषक श्री बारस्कर ने बताया कि प्रारंभ में वे सामान्य तरीके से खेती करते थे, जिसमें अधिक श्रम और जल की आवश्यकता होती थी परंतु अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता था। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों की सलाह और तकनीकी सहयोग से उन्होंने ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग पद्धति को अपनाया। पिछले पांच वर्षों से वे इस तकनीक के माध्यम से खेती कर रहे हैं, जिससे न केवल जल की बचत हो रही है बल्कि मिट्टी की नमी भी लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने विशेष रूप से टमाटर की फसल में इस तकनीक का उपयोग किया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए। श्री बारस्कर ने बताया कि ड्रिप मल्चिंग से टमाटर की गुणवत्ता में अत्यधिक सुधार हुआ है, जिससे बाजार में उनकी उपज की मांग बढ़ी है और उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहा है। इससे उनकी आय में वृद्धि हुई है। कृषक श्री बारस्कर ने केंद्र और राज्य सरकार की कृषि योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को धन्यवाद देते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं और विभागीय सहयोग से ही यह परिवर्तन संभव हो पाया है।
जन अभियान परिषद ने मंडदेव धाम में चलाया स्वच्छता अभियान
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जल स्रोतों तथा झरनों की साफ-सफाई कर दिया जल संरक्षण का संदेश
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3 बैतूल 03 मई 2025
कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देशानुसार जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही है। अभियान के अंतर्गत मंडदेव धाम आषाढ़ी में जन अभियान परिषद द्वारा स्वच्छता और जन जागरूकता अभियान चलाया गया। उल्लेखनीय है कि यह स्थल आदिवासी समुदाय की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां गंगा सप्तमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान महादेव की पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। अभियान के दौरान चिचोली ब्लॉक में मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र-छात्रा एवं परामर्शदाताओं, नवांकुर संस्था के सदस्यों द्वारा मठदेव मंदिर परिसर, जल स्रोतों तथा झरनों की साफ-सफाई की गई। इसके अलावा पहाड़ी झरनों से बने स्टॉप डेम की भी सफाई की गई, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिले। जन अभियान परिषद की जिला समन्वयक श्रीमती प्रिया चौधरी एवं ब्लॉक समन्वयक श्री राजू मांडवे ने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए जल संरक्षण के उपायों पर संगोष्ठी के माध्यम से जानकारी दी। जिला समन्वयक श्रीमती प्रिया चौधरी ने बताया कि वर्षा जल संचयन, तालाबों का गहरीकरण एवं सोखते गड्ढों जैसे नवाचारों से जल संकट की स्थिति को दूर किया जा सकता है। उन्होंने इस अभियान को गांव-गांव एवं वार्ड स्तर तक पहुंचाने का आह्वान किया। ब्लॉक समन्वयक श्री मांडवे ने श्रमदान करते हुए युवाओं को जन-सहयोग से ऐसे जनजागरण अभियानों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जनपद पंचायत आमला में खेत तालाब एवं डगवेल रिचार्ज के कार्य किए प्रारंभ
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4 बैतूल 03 मई 2025
कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देशानुसार जिले में 30 मार्च से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल संरक्षण एवं जल संवर्धन के कार्य किए जा रहे है। जल गंगा संवर्धन अभियान का मुख्य उद्देश्य जनभागीदारी से जल संरक्षण एवं संवर्धन सुनिश्चित करना हैं। जिससे यह अभियान समाज और सरकार की साझेदारी से जल संरक्षण एवं संवर्धन का जन आंदोलन बन सके। इसी अनुक्रम में जल संवर्धन अभियान अंतर्गत जनपद पंचायत आमला में खेत तालाब के लिये निर्धारित लक्ष्य 145 के विरुद्ध 110 खेत तालाब स्वीकृत किये जाकर 102 खेत तालाब के कार्य प्रारंभ हैं। वहीं 3 अमृत सरोवर के लक्ष्य के विरूद्ध 2 अमृत सरोवर स्वीकृत किये जा चुके हैं।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत आमला श्री एसके श्रीवास्तव ने बताया कि ग्राम जमदेही कला में श्री भोजू फागू के खेत में 3.80 लाख की लागत से खेत तालाब का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है। इसी प्रकार ग्राम अंबाडा में श्री श्यामराव हिलया के खेत में बने डगवेल के रिचार्ज पिट का कार्य भी 23 हजार 900 की लागत से प्रारंभ किया गया है। खेत तालाब निर्माण होने से प्रति खेत तालाब औसत 1 हजार घन मीटर पानी का संग्रहण होगा। इस प्रकार कुल 1 लाख 45 हजार घन मीटर पानी को संग्रहित किया जाएगा एवं इसी प्रकार से डगवेल रिचार्ज निर्माण होने से प्रति डगवेल में 27 घन मीटर पानी का रिचार्ज होंगा तथा एक वर्षा काल में औसत 3-4 बार रिचार्ज होने पर 108000 लीटर पानी का संग्रहण प्रति कूप में किया जा सकेंगा। उक्त जल संवर्धन के कार्यों से कृषकों को लाभ तो होगा ही साथ-साथ भूमिगत जल वृद्धि होगी।
लू के प्रकोप से जनमानस को बचाने स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
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5 बैतूल 03 मई 2025
जिले में बढ़ते तापमान की वजह से लू लगने की संभावना बढ़ने लगी है। ऐसे में लू के प्रकोप से जनमानस को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एडवाइजरी जारी की गई है। जारी एडवाइजरी में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश परिहार ने बताया कि लू से बचाव के लिए गर्मी के दिनों में धूप में बाहर जाते समय हमेशा सफेद या हल्के रंग के ढीले सूती वस्त्रों का प्रयोग करें। भोजन करके एवं पानी पीकर ही बाहर निकलें। गर्मी के मौसम में गर्दन के पिछले भाग कान व सिर को गमछे या तौलिये से ढ़ककर ही धूप में निकले। रंगीन चश्मे व छतरी का प्रयोग करें। गर्मी में हमेशा पानी अधिक मात्रा में पिए एवं पेय पदार्थों का अधिक से अधिक मात्रा में सेवन करें। बाहर जाते समय अपने साथ पानी रखें। गर्मी के दिनों में बच्चों का विशेष ध्यान रखें। बच्चों को सिखायें कि जब भी उन्हें अधिक गर्मी महसूस हो तो वे तुरंत घर के अंदर आयें। गर्मी के दिनों में बुजुर्गों का भी विशेष ध्यान रखें। उन्हें धूप में घर से बाहर न निकलने दें व उन्हें समय-समय पर पानी पीने के लिए प्रेरित करें एवं सुपाच्य भोजन तथा तरल पदार्थों का सेवन करवायें। गर्मी के दिनों में उन्हें मौसमी फलों का सेवन करवायें। वहीं गर्मी के दिनों में तीव्र धूप को अंदर आने से रोकें।
लू से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां
सीएमएचओ डॉक्टर परिहार ने बताया की गर्मी में बिना भोजन किये बाहर न निकलें। जहां तक संभव हो, ज्यादा समय तक धूप में खड़े होकर व्यायाम, मेहनत आदि अन्य कार्य न करें। बहुत अधिक भीड़, गर्म घुटन भरे कमरों में ना जायें। रेल, बस आदि की यात्रा गर्मी के मौसम में अत्यावश्यक होने पर ही करें। बच्चों एवं बुजुर्गो को दिन के सबसे गर्म समय जैसे दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक घर से बाहर की गतिविधियों में शामिल ना होने दें। धूप में बच्चों और पालतू जानवरों को गाड़ी में अकेला न छोड़ें। धूप में नंगे पॉव न चलें। चाय, कॉफी, अत्यधिक मीठे पदार्थ व गैस वाले पेय पदार्थो का सेवन न करें।
लू लगने पर दिखाई देने वाले लक्षण
सीएमएचओ डॉ.परिहार ने बताया कि लू लगने पर गर्म लाल और सूखी त्वचा होना, शरीर का तापमान 40 सेल्सियस या 104 फेरेनाइट होना, मतली या उल्टी आना, बहुत तेज सिर दर्द होना, मांसपेशियों में कमजोरी या ऐंठन आना, सांस फूलना या दिल की धड़कन तेज होना, घबराहट होना, चक्कर आना, बेहोशी और हल्का सिरदर्द होना। उन्होंने बताया कि लू तापघात से प्रभावित रोगी को तुरंत छायादार जगह पर कपड़े ढीले कर लिटा दें एवं हवा करें। रोगी के बेहोश होने की स्थिति में कोई भी भोज्य या पेय पदार्थ ना दें एवं तत्काल चिकित्सा सहायता प्राप्त करें। रोगी के होश में आने की दशा में उसे ठण्डे पेय पदार्थ, जीवन रक्षक घोल, कच्चा आम का शर्बत (पना) आदि दें। रोगी के शरीर का ताप कम करने के लिये यदि संभव हो तो उसे ठंडे पानी से स्नान करायें या उसके शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखकर पूरे शरीर को ढ़क दें। इस प्रक्रिया को तब तक दोहरायें जब तक कि शरीर का ताप कम नहीं हो जाता है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल नजदीकी शासकीय चिकित्सालय में सम्पर्क करें।
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