ऑडिट के बीच नोटों के बंडल लेकर घूम रहे थे दो अधिकारी, 14.38 लाख रुपये नकद बरामद
भुवनेश्वर, 13 सितंबर।। ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए विजिलेंस विभाग ने अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति (एसटी/एससी) विभाग से जुड़े दो ऑडिटरों को 14.38 लाख रुपये से अधिक की संदिग्ध नकदी के साथ पकड़ा है। विजिलेंस के अनुसार, दोनों अधिकारी बरामद रकम के स्रोत के संबंध में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके। मामले में आय से अधिक संपत्ति के एंगल से भी जांच और संबंधित ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई शुरू की गई है।
विजिलेंस के मुताबिक, पकड़े गए अधिकारियों की पहचान प्रशांत कुमार प्रधान और प्रज्ञाप्रकाश पात्रा के रूप में हुई है। दोनों बारीपदा स्थित जिला कल्याण कार्यालय में ऑडिट का काम पूरा करने के बाद रॉक्सी लेन स्थित मोहापात्रा होटल लौट रहे थे। वे जिला कल्याण कार्यालय की सरकारी स्कॉर्पियो से होटल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान विश्वसनीय सूचना के आधार पर विजिलेंस टीम ने वाहन को रोककर दोनों की तलाशी ली।
तलाशी के दौरान अधिकारियों के पास से 5 लाख 51 हजार 510 रुपये नकद बरामद किए गए। विजिलेंस के अनुसार, नकदी 52 लिफाफों और 20 खुले बंडलों में रखी हुई थी। इतनी बड़ी रकम के संबंध में पूछताछ किए जाने पर दोनों अधिकारी कथित तौर पर संतोषजनक हिसाब नहीं दे सके। इसके बाद विजिलेंस ने बरामद नकदी को जब्त कर लिया।
वाहन से नकदी बरामद होने के बाद विजिलेंस टीम ने दोनों ऑडिटरों के होटल के कमरों की भी तलाशी ली। तलाशी के दौरान वहां से 8 लाख 86 हजार 830 रुपये की अतिरिक्त नकदी मिली। इस रकम को भी जब्त कर लिया गया। इस तरह वाहन में दोनों के पास से बरामद 5,51,510 रुपये और होटल के कमरों से मिली 8,86,830 रुपये की रकम मिलाकर कुल 14,38,340 रुपये नकद बरामद हुए।
विजिलेंस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों अधिकारियों के पास इतनी बड़ी मात्रा में नकदी कहां से आई। अधिकारियों से बरामद रकम के स्रोत और उनके वित्तीय लेनदेन को लेकर पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही दोनों से जुड़े परिसरों और अन्य ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति के संभावित मामले को लेकर तलाशी की कार्रवाई की जा रही है।
30 अगस्त से बारीपदा में कर रहे थे ऑडिट
विजिलेंस के अनुसार, दोनों ऑडिटर 30 अगस्त से बारीपदा में मौजूद थे। वे जिला कल्याण कार्यालय के ऑडिट के लिए वहां पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने आश्रम, सेवाश्रम, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों का भी ऑडिट शुरू किया था।
ऑडिट के दौरान दोनों अधिकारियों ने संबंधित स्कूलों और छात्रावासों के प्रधानाध्यापकों तथा प्रभारियों को बारीपदा स्थित कार्यालय में स्कूल और हॉस्टल से संबंधित फाइलें एवं रजिस्टर लेकर उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। इसी दौरान विजिलेंस को कथित तौर पर शिकायतें मिलीं कि दोनों ऑडिटर ऑडिट प्रक्रिया में सहयोग करने के बदले स्कूलों और छात्रावासों से जुड़े अधिकारियों से रिश्वत की मांग कर रहे हैं।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि स्कूल या छात्रावास में नामांकित प्रत्येक छात्र के हिसाब से 10 रुपये देने की मांग की जा रही थी। आरोप है कि यह रकम ऑडिट को सुचारू रूप से पूरा कराने के नाम पर मांगी जा रही थी।
विजिलेंस ने शिकायतों की जांच के बाद दोनों अधिकारियों की गतिविधियों पर नजर रखी। इसके बाद गुरुवार देर रात उन्हें सरकारी वाहन से होटल जाते समय रोका गया। तलाशी में नकदी मिलने के बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया।
विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि बरामद रकम के संबंध में दोनों अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके हैं। हालांकि, नकदी का अंतिम स्रोत और उसका रिश्वत या अन्य अवैध गतिविधि से संबंध जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
मामले में विजिलेंस ने दोनों अधिकारियों से पूछताछ शुरू कर दी है। बरामद 14 लाख 38 हजार 340 रुपये की नकदी के स्रोत, कथित रिश्वत मांगने के आरोपों और दोनों अधिकारियों की संपत्तियों एवं वित्तीय गतिविधियों की जांच की जा रही है। अधिकारियों से जुड़े परिसरों की तलाशी के दौरान मिलने वाले दस्तावेजों और अन्य सामग्री के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
विजिलेंस की कार्रवाई के बीच नोटों के बंडलों और लिफाफों में रखी नकदी का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बरामद रकम को गिना और जब्त किया जाता हुआ दिखाई दे रहा है। फिलहाल पूरे मामले में विजिलेंस की जांच जारी है।
यह भी पढ़ें