आदिवासी युवकों से ठेकेदार ने की मारपीट
दूसरे मामले में महिला ने ठेकेदार के खिलाफ छेड़छाड़ के लगाए आरोप
ग्रामीणों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचकर पीड़ित युवकों, एवं महिला ने की शिकायत
बैतूल। आठनेर क्षेत्र में आदिवासी युवकों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। इसके अलावा एक अन्य महिला ने भी ठेकेदार के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत की है। ठेकेदार की अभद्रता से आक्रोशित ग्रामीण शुक्रवार 4 जुलाई को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
आठनेर थाना क्षेत्र के ग्राम मानी निवासी रूपेश ठाकरे पिता रामभरोसे ठाकरे एवं अर्जुन भुसुमकर पिता गणेश भुसुमकर ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत की है कि 27 जून को रात लगभग 8 बजे जब वे मानी से आमढाना पिकअप वाहन से मजदूरों को छोड़ने जा रहे थे, तब आठनेर निवासी ठेकेदार राजेश अवस्थी ने रास्ते में उन्हें रोक लिया। पहले तो उनके मजदूरों को जबरन पैदल भेज दिया और फिर आवेदक रूपेश ठाकरे के साथ बुरी तरह मारपीट की। रूपेश ने बताया कि उसके दोनों कान पर 20-25 थप्पड़ मारे गए जिससे एक कान से अब सुनाई देना बंद हो गया है। इसके अलावा जिस पैर में रॉड लगी हुई है, वहां भी ठेकेदार ने लात-घूंसे मारे।
रूपेश ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार ने उसे जातिसूचक अपशब्द कहे। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी। उन्होंने बताया कि जिस रोड से वे जा रहे थे, वह रोड उनके खेत की ओर जाता है और उसी पर निर्माण कार्य चल रहा है, जिसका ठेका राजेश अवस्थी के पास है।
इसी घटना में पीड़िता निशा ठाकरे ने भी ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में बताया कि घटना की रात यानी 27 जून को वे अपने पति के साथ मोटरसाइकिल से बैतूल से मानी जा रही थीं। रात करीब 9 से 10 बजे के बीच जब वे डंगरापाठा और गारगुड़ के बीच पहुंचीं, तब राजेश अवस्थी शराब के नशे में अपनी कार से अपने साथियों के साथ आया और उनकी बाइक को टक्कर मारकर कुचलने की कोशिश की।
– महिला ने लगाए अभद्रता के आरोप
पीड़िता ने बताया कि उसके पति ने बड़ी मुश्किल से बाइक मोड़कर जान बचाई। इसके बाद आरोपी ने कार रोककर दोनों के साथ मारपीट की। महिला ने आरोप लगाया कि इसी दौरान अनावेदक ठेकेदार ने उनके साथ अभद्रता की। पीड़िता निशा ठाकरे ने बताया कि वह और पूरा परिवार डरा और सहमा हुआ है। बच्चे तक घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 29 जून को जब वे आठनेर थाने में शिकायत दर्ज कराने गए तो एफआईआर नहीं लिखी गई। 3 जुलाई को दोबारा जाने पर भी न एफआईआर हुई, न उसकी कॉपी दी गई।
इन दोनों ही मामलों में पीड़ित पक्ष ने आदिवासी समुदाय के साथ जातीय उत्पीड़न, महिला से छेड़छाड़, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न होने पर मंगलवार को दोनों पीड़ित एसपी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने लिखित आवेदन सौंपकर आरोपित राजेश अवस्थी के खिलाफ आदिवासी अत्याचार निवारण अधिनियम (पेसा एक्ट) सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की। पीड़ितों की मांग है कि पुलिस तत्काल एफआईआर दर्ज कर ठेकेदार को गिरफ्तार करे और उन्हें तथा उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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