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बैतूल के पूर्व सांसद सुभाष आहूजा का निधन:गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुआ अंतिम संस्कार; प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल भी शामिल हुए

By,वामन पोटे

बैतूल के पूर्व सांसद सुभाष आहूजा का निधन:गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुआ अंतिम संस्कार; प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल भी शामिल हुए

बैतूल।।भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद सुभाष आहूजा का सोमवार तड़के  बैतूल में निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ थे। 75 वर्षीय आहूजा की पार्थिव देह को भाजपा कार्यालय विजय भवन में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और आमजन ने श्रद्धांजलि दी। इसके बाद गंज मोक्षधाम में गॉर्ड ऑफ ऑनर के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

अंत्येष्टि में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश संगठन मंत्री हितानंद शर्मा, जन अभियान परिषद उपाध्यक्ष मोहन नागर और जिले के विधायक महेंद्र सिंह चौहान,डाक्टर योगेश पंडागरे ,चंद्रशेखर देशमुख , और गंगाबाई
उइके विशेष रूप से मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से बैतूल एसडीएम अभिजीत सिंह और एसडीओपी सुनील लाटा भी शामिल हुए।

1977 में कांग्रेस के एन.के.पी. साल्वे को हराकर जीता था चुनाव।

आपातकाल के दौरान मीसा बंदी बने
30 मार्च 1950 को जन्मे सुभाष आहूजा ने छात्र राजनीति से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। वे 1975 में आपातकाल के दौरान मीसा बंदी बने और 19 माह जेल में रहे। 1977 में जनता पार्टी उम्मीदवार के रूप में बैतूल से लोकसभा चुनाव जीतकर कांग्रेस नेता एन.के.पी. साल्वे को हराया। उस समय 27 वर्ष की उम्र में वे संसद के सबसे युवा सांसद बने और गैर-कांग्रेसी सरकार में पहुंचने वाले बैतूल के पहले सांसद बने।
आहूजा भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री रहे और संगठन में प्रमोद महाजन के करीबी नेताओं में गिने जाते थे। 1980 और 1984 के लोकसभा चुनावों में भले ही सफलता नहीं मिली, लेकिन वे लगातार संगठन में सक्रिय रहे और युवाओं को राजनीति व रोजगार से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई।
को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष भी रह चुके
सांसद रहते हुए वे Coal Advisory Committee के सदस्य रहे। इसके अलावा वे को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष भी बने। WCL और पावर हाउस जैसे औद्योगिक प्रतिष्ठानों में युवाओं को रोजगार दिलाने में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।
सुभाष आहूजा अपने पीछे पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा रीतेश आहूजा सहित भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं। वे वरिष्ठ समाजसेवी एवं व्यवसायी हरबंश आहूजा के भतीजे तथा भाजपा नेता राजेश आहूजा और राकेश आहूजा के चचेरे भाई थे।
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