Madhya Pradesh Latest News

यूसीसी पर सियासत गरम, भाई वीरेंद्र का नीतीश को खुला न्योता- भाजपा छोड़िए, महागठबंधन में लौटिए

By, वामन पोटे

यूसीसी पर सियासत गरम, भाई वीरेंद्र का नीतीश को खुला न्योता- भाजपा छोड़िए, महागठबंधन में लौटिए
पटना, 16 सितंबर ।। बिहार में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मुद्दे ने एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ा दिया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता और विधायक भाई वीरेंद्र ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को निशाने पर लेते हुए जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नीतीश कुमार से एनडीए का साथ छोड़ने की अपील की है। उन्होंने जदयू को महागठबंधन में वापस आने और मिलकर नई सरकार बनाने का खुला प्रस्ताव भी दिया है।
भाई वीरेंद्र ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और यहां अलग-अलग धर्मों, परंपराओं और सामाजिक मान्यताओं का सम्मान किया जाता है। उनके मुताबिक, भाजपा अपनी विचारधारा और एजेंडे के अनुरूप देश की राजनीति को दिशा देने का प्रयास कर रही है। यूसीसी के मुद्दे को लेकर उन्होंने भाजपा की राजनीतिक मंशा पर सवाल उठाए।
राजद विधायक ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ‘नागपुर के इशारे’ पर चल रही है। हालांकि यह उनका राजनीतिक आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि देश के सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने वाली विचारधारा से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने नीतीश कुमार को संबोधित करते हुए कहा कि जदयू की पहचान समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता की राजनीति से रही है। ऐसे में भाजपा के साथ उसका राजनीतिक गठजोड़ उसकी मूल विचारधारा से मेल नहीं खाता। उन्होंने नीतीश कुमार से भाजपा का साथ छोड़कर उन दलों के साथ आने का आग्रह किया, जिनकी राजनीति धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर केंद्रित है।
भाई वीरेंद्र ने कहा कि राजद और जदयू की विचारधारा में कई समानताएं हैं। दोनों दलों का बिहार की राजनीति में लंबा राजनीतिक रिश्ता भी रहा है। इसी आधार पर उन्होंने जदयू से एक बार फिर महागठबंधन के साथ आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि जदयू एनडीए से अलग होता है तो दोनों दल साथ मिलकर बिहार में नई राजनीतिक तस्वीर खड़ी कर सकते हैं।
यूसीसी के सवाल पर जदयू की ओर से पहले ही पार्टी का रुख स्पष्ट किए जाने की बात सामने आई है। जदयू नेताओं का कहना है कि नीतीश कुमार इस विषय पर अपना दृष्टिकोण स्पष्ट कर चुके हैं और देश की धर्मनिरपेक्ष प्रकृति तथा सभी धर्मों की परंपराओं के सम्मान को महत्व दिया जाना चाहिए।
इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में भाई वीरेंद्र का बयान महज यूसीसी पर प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि बिहार में संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि उन्होंने जदयू को महागठबंधन में लौटने का न्योता दिया है, लेकिन फिलहाल जदयू की ओर से ऐसा कोई संकेत नहीं है कि वह एनडीए से अलग होने जा रहा है।
बिहार की राजनीति में गठबंधन बदलने का इतिहास लंबा रहा है और नीतीश कुमार पहले भी अलग-अलग राजनीतिक गठबंधनों के साथ सत्ता में रहे हैं। ऐसे में राजद का यह ताजा आह्वान राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश के रूप में सामने आया है। यूसीसी जैसे संवेदनशील मुद्दे ने इस पुराने राजनीतिक रिश्ते और मौजूदा गठबंधन के बीच वैचारिक दूरी की बहस को फिर हवा दे दी है।
भाई वीरेंद्र के बयान से इतना स्पष्ट है कि राजद इस मुद्दे को केवल कानून और संविधान की बहस तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि इसे बिहार के राजनीतिक गठबंधनों और धर्मनिरपेक्ष राजनीति के सवाल से जोड़कर देख रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि जदयू इस खुले न्योते का जवाब किस राजनीतिक भाषा में देता है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.