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जनसंपर्क अधिकारी बैतूल ने जारी की 5 सरकारी खबरें

By,वामन पोटे

जनसंपर्क अधिकारी बैतूल ने जारी की 5 सरकारी खबरें

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित विवाह संस्कार हमारी सामाजिक समरसता का अद्वितीय उदाहरण: केंद्रीय राज्य मंत्री श्री उइके

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 1011 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे

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अतिथियों ने वर-वधु को चेक के माध्यम से मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की सहायता राशि की प्रदान

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चिचोली और आठनेर के जोड़े सामूहिक विवाह कार्यक्रम में हुए शामिल, व्यवस्थाएं रही चाक-चौबंद

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(1)बैतूल 14 मई 2025
मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना 2025 के अंतर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रम बुधवार को पुलिस ग्राउंड बैतूल में आयोजित किया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत चिचोली ने बताया कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम घोड़ाडोंगरी विधायक श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उइके की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। सामूहिक विवाह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उईके, मप्र जन अभियान परिषद उपाध्यक्ष व राज्य मंत्री दर्जा श्री मोहन नागर, विशेष अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पार्वती बाई बारस्कर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजा पवार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री हंसराज धुर्वे, सुधाकर पवार, अनिल सिंह कुशवाह, संतोष मालवीय, जनपद अध्यक्ष, सदस्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम में अतिथियों का पुष्प गुच्छ से सम्मान किया गया। इसके पूर्व ऑडिटोरियम से ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य बारात निकाली गई, जो मुख्य कार्यक्रम स्थल पर पहुंची। इस दौरान घोड़ाडोंगरी विधायक श्रीमती गंगाबाई उईके और  जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री हंसराज धुर्वे ने बारात में नृत्य किया।
सामूहिक विवाह कार्यक्रम में चिचोली और आठनेर तहसील के 1011 वर-वधू सात फेरे लेकर परिणय सूत्र में बंधे। इसमें 820 जनजातीय वर्ग के जोड़ों का उनके पारंपरिक रीति-रिवाज से विवाह हुआ। यह सामूहिक विवाह सम्मेलन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए संबल बना, समाज में एक सकारात्मक संदेश भी गया कि सभी धर्म, जाति और वर्ग के लोग एक मंच पर आकर सामाजिक परंपराओं को मजबूती दे सकते हैं।

विवाह संस्कार दो आत्माओं, दिल और कुलों का है मिलन

       केंद्रीय राज्य मंत्री श्री दुर्गा दास उइके ने कहा कि हम सौभाग्यशाली है कि हमारा जन्म भारत भूमि में हुआ है और हमें सोलह संस्कारों के रूप में दिव्य परंपरा हमारे पूर्वजों ने वरदान के रूप में हमें दी है। हमारे ऋषि मुनियों ने गृहस्थ आश्रम को भारतीय संस्कृति का मेरुदंड बताया है। उन्होंने कहा कि विवाह संस्कार हमारी सामाजिक समरसता और राष्ट्र की एकता, अखंडता का अद्वितीय उदाहरण है। विवाह संस्कार दो आत्माओं, दिल और कुलों का मिलन है। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से परिणय सूत्र में बंधने जा रहे 1011 जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया। घोड़ाडोंगरी विधायक श्रीमती गंगाबाई उइके ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का इस आयोजन के लिए आभार व्यक्त करते हुए सभी नव दाम्पत्य जोड़ों को परिणय सूत्र में बंधने पर बधाई दी। राज्य मंत्री दर्जा श्री मोहन नागर ने कहा कि 16 संस्कारों में से विवाह एक महत्वपूर्ण 15वां संस्कार है। हमारे चार आश्रम में से गृहस्थ आश्रम महत्वपूर्ण है। जिसको ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में गरीब समाज, गरीब जनजातीय वर्ग के लोगों के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत 1011 जोड़े विवाह के बंधन में बंधे है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने संभाली कार्यक्रम की व्यवस्था

       प्रशासनिक अधिकारियों ने दूल्हा-दुल्हन की बैठने की व्यवस्था से लेकर भोजन, मंच और विवाह मंडपों तक हर पहलू पर बारीकी से निगरानी रखी। एसडीएम श्री राजीव कहार के निर्देशन में कार्यक्रम का सफल क्रियान्वयन किया गया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने वर-वधु को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की सहायता राशि चेक के माध्यम से प्रदान की। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत पात्र कन्याओं को उनके विवाह के समय कुल 55 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें 49 हजार रुपये का चेक सीधे कन्या के नाम से दिया जाता है ताकि वह अपने नए जीवन की शुरुआत सशक्त रूप से कर सके, जबकि 6 हजार रुपये विवाह समारोह के आयोजन के लिए दिए जाते हैं। इस अवसर पर एसडीएम श्री राजीव कहार, सामाजिक न्याय विभाग की सुश्री रोशनी वर्मा, चिचोली जनपद सीईओ सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

 

बैतूल जिले में जल जीवन मिशन की धीमी प्रगति पर कलेक्टर सख्तदो ठेकेदारों के अनुबंध निरस्त

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(2)बैतूल 14 मई 2025
जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों की धीमी प्रगति पर कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी द्वारा सख्त रुख अपनाया गया है। 13 मई को आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि निर्धारित समय में कार्य पूर्ण नहीं करने वाले ठेकेदारों के अनुबंध निरस्त किए जाएं।
इन निर्देशों के अनुपालन में कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पी.एच.ई.) द्वारा विकासखंड भीमपुर के ग्राम सोनाझर, दूनी, टिपरिंग तथा विकासखंड चिचोली के ग्राम चकचूना हजुरी, खोकराखेड़ा, पंछी, सिपलई, अटारी, बेला, खपरिया एवं नांदरा में कार्य कर रही दो ठेकेदार फर्मों जिसमें मेसर्स सतपुड़ा कंस्ट्रक्शन एंड बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर्स, चिचोली एवं मेसर्स मनोरमा कंस्ट्रक्शन कंपनी, अन्नपूर्णा कॉलोनी, हरदा के अनुबंध निरस्त कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, जिले के अन्य 45 अनुबंधों में कार्यरत ठेकेदारों को भी कार्य की धीमी गति के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। यदि इन ठेकेदारों द्वारा कार्य शीघ्र पूर्ण नहीं किया जाता है, तो उनके विरुद्ध भी अनुबंध निरस्तीकरण की कार्यवाही की जाएगी।

 

जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत मासोद तालाब पर श्रमदान और स्वच्छता अभियान संपन्न

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(3)बैतूल 14 मई 2025
कलेक्टर श्री नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के आव्हान पर जन अभियान परिषद द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जनजागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला में जनपद प्रभातपट्टन अंतर्गत ग्राम पंचायत मासोद स्थित पौराणिक नल-दमयंती तालाब पर श्रमदान एवं सफाई कार्य किया गया।
जिला समन्वयक श्रीमती प्रिया चौधरी की उपस्थिति में आयोजित इस अभियान में तालाब घाट की सफाई की गई तथा पत्थर और कचरा हटाकर तालाब को स्वच्छ और आकर्षक स्वरूप प्रदान करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम का संचालन विकासखंड समन्वयक श्रीमती राधा बरोडे के मार्गदर्शन में हुआ। आगामी जून माह में तालाब किनारे वृक्षारोपण की योजना भी तैयार की गई है। इसके साथ ही जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने हेतु जल संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें सभी सहभागियों को जल संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनने और संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया गया। इस पुण्य कार्य में प्रस्फुटन समिति, सीएमसीएलडीपी छात्र, मेंटर्स, नवांकुर सदस्य एवं स्थानीय ग्रामीणों की सराहनीय सहभागिता रही, जो सामूहिक प्रयासों की एक उत्कृष्ट मिसाल है।

सक्षम कार्यक्रम के तहत 10 दिवसीय समर कैंप का किया शुभारंभ

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(4)बैतूल 14 मई 2025
बैतूल जनजातिय कार्य विभाग के अंतर्गत सक्षम जीवन कौशल कार्यक्रम द्वारा आयोजित 10 दिवसीय समर कैंप का शुभारंभ शासकीय माध्यमिक शाला दूधिया, चिचोली, जामठी आदि चिचोली ब्लॉक के ग्रामों में किया गया। जिसमें स्कूली बच्चों को जीवन कौशल आधारित शिक्षा एवं रोचक गतिविधियों के द्वारा कौशल विकास विकसित करने के लिए यहां समर कैंप का आयोजन सक्षम कार्यक्रम से प्रशिक्षित कम्युनिटी यूथ लीडर्स द्वारा किया जा रहा है। समर कैंप के पहले दिन बच्चों ने पेड़ों से सूखे हुए पत्तों से आकृतिया बनाई, जिससे उनकी रचनात्मक सोच को बढ़ावा मिला। इसके साथ ही बच्चों ने अपना परिचय पत्र भी तैयार किया है। यह कैंप समर कैंप 10 दिनों तक चलेगा, जिसमें ड्रॉप आउट बच्चे भी शामिल हो रहे हैं। ब्लॉक मैनेजर इंद्रासेन नागले ने कैंप का उद्देश्य बताया कि गर्मियों की छुट्टियों के दौरान बच्चों की प्रभावित न हो और वे इस कैंप के माध्यम से नए जीवन कौशल सीख सके। कम्युनिटी यूथ लीडर की इस पहल की ग्रामीणों ने भी सराहना की है। समर कैंप का संचालन समुदाय यूथ लीडर सरिता करोचे दूधिया, कमलेश इवने जामठी और अविनाश राठौर द्वारा किया जा रहा है।

सिकलसेल एक अनुवांशिक बीमारी, जिसके लिए जन जागरूकता आवश्यक: केन्द्रीय मंत्री श्री उईके

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जिला चिकित्सालय परिसर में सिकलसेल रोगी टीकाकरण कार्यक्रम का आयोजन

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(5)बैतूल 14 मई 2025
जिला चिकित्सालय के नवीन एमसीएच भवन में बुधवार को सिकलसेल रोगी टीकाकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश परिहार ने बताया कि कार्यक्रम में दोपहर पश्चात तक 70 बच्चों का टीकाकरण किया गया।
केन्द्रीय राज्य मंत्री जनजातीय मामले भारत सरकार श्री दुर्गादास उइके ने कहा कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल महोदय के नेतृत्व में पूरे भारत में सिकल सेल अभियान, क्षय रोग उन्मूलन अभियान, एनीमिया अभियान चलाये जा रहे हैं। सिकलसेल टीकाकरण सम्पूर्ण जिले में किया जा रहा है। इससे 0 से 20 वर्ष आयु तक के बच्चे सुरक्षित हो रहे हैं ये हमारे लिये अत्यंत आशाजनक हैं। सिकलसेल एक अनुवांशिक बीमारी है इसके उपचार के लिये सामाजिक संस्थाओं, मीडिया, गैर सरकारी स्वैच्छिक संगठनों को आगे आना होगा एवं जनजागरूकता अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाना होगा।
आमला विधायक डॉ.योगेश पंडाग्रे ने कहा कि सिकलसेल एनीमिया गंभीर आनुवांशिक बीमारी है, जिसको चिकित्सक एवं दवाईयों के द्वारा खत्म नहीं किया जा सकता है। बैतूल जिला सिकलसेल प्रभावित जिला है जिसमें कुछ प्रजातियां इस बीमारी से अधिक पीड़ित हैं। शुरू के वर्षों में बच्चों में पता नहीं चलता, उम्र बढ़ने के साथ-साथ हीमोग्लोबिन की कमी, पीलिया का बार-बार होना एवं जोड़ों का दर्द रहना इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं, ये लक्षण होने पर तत्काल सिकलसेल स्क्रीनिंग करवाकर उपचार प्रारंभ करवायें। सिकलसेल टीकाकरण एक प्रभावी उपाय है। इसकी रोकथाम के लिये सिकलसेल वैक्सीन अभियान चलाया जा रहा है। माननीय राष्ट्रपति महोदया, माननीय राज्यपाल महोदय द्वारा पूरे देश में आदिवासी क्षेत्रों में इस अभियान को चलाया जा रहा है। सिकलसेल बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को विवाह में सावधानी बरतनी होगी नही ंतो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में यह बीमारी हो सकती है। इसके लिये जेनेटिक टेस्ट करवाना चाहिये, समाज को इसके लिये जागरूक करने की आवश्यकता है।
नगर पालिका अध्यक्ष बैतूल श्रीमती पार्वती बारस्कर द्वारा ने कहा कि इस बीमारी को छुपायें नहीं जांच एवं इलाज ही उन्मूलन की दिशा में सार्थक प्रयास है। जन जागरूकता द्वारा आमजन को सचेत करना होगा। श्री सुधाकर पवार ने कहा कि सिकलसेल की बीमारी का शासकीय चिकित्सालयों में निःशुल्क उपचार उपलब्ध है। एयर एम्बुलेंस की सुविधा द्वारा त्वरित एवं तत्काल इलाज शासन द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है, जो निःसंदेह ही सराहनीय है। विधायक प्रतिनिधि डॉ अशोक बारंगा ने कहा कि यह बीमारी ठीक नहीं हो सकती लेकिन खानपान में ध्यान रख नियमित रक्ताधान एवं उपचार के माध्यम से बेहतर जीवन जिया जा सकता है। सिकलसेल टीकाकरण के प्रति आमजन को जागरूक करने की आवश्यकता है।

सिकलसेल एक अनुवांशिक बीमारी

       सीएमएचओ डॉ.राजेश परिहार ने बताया कि यह अनुवांशिक बीमारी है जो पीढ़ी दर पीढ़ी कई वर्षो से लगातार चली आ रही है, इस बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए समाज के विभिन्न संगठनों एवं स्वास्थ विभाग को साथ-साथ मिलकर सिकलसेल के प्रति लोगों में जागरूकता हेतु कार्य करना होगा, यह बीमारी माता-पिता से बच्चों में आती है इसलिये विवाह के समय सिकलसेल की जांच करवाना आवश्यक है। सिविल सर्जन डॉ जगदीश घोरे ने बताया कि सिकलसेल रोगी में खून की कमी हो जाती है बच्चों में तिल्ली कमजोर हो जाती है वह काम नहीं कर पाता है। सिकलसेल वैक्सीन 0 से 20 वर्ष तक के बच्चों को लगाई जाती है। यह वैक्सीन सिकल रोगी को ही लगायी जाना है। जिले में जो रोगी खोजे गये हैं उनका उपचार जारी है। पालक हमेशा सचेत रहें और टीकाकरण के लिये प्रेरित करें। कार्यक्रम में आरएमओ डॉ रानू वर्मा, नोडल अधिकारी सिकलसेल डॉ अंकिता सीते सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य चिकित्सक अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

 

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