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बैतूल जिले  के पॉलिटेक्निक छात्र पर चाकू से 30 से ज्यादा वार किए:शरीर के हर हिस्से में घाव; आरोपी बोला- मैं नहीं मारता तो वो मुझे मार डालता

By,वामन पोटे

बैतूल जिले  के पॉलिटेक्निक छात्र पर चाकू से 30 से ज्यादा वार किए:शरीर के हर हिस्से में घाव; आरोपी बोला- मैं नहीं मारता तो वो मुझे मार डालता

इटारसी।।

सुमित मुलताई के धावला गांव का रहने वाला था ।
पुलिस ने छात्र की हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

नर्मदापुरम जिले के इटारसी में 22 मई को पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्र पर चाकू से 30 से ज्यादा वार किए गए। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर विकास जयपुरिया के मुताबिक पैर से लेकर गर्दन तक शरीर का ऐसा कोई हिस्सा नहीं था, जहां चाकू के घाव नहीं किया हो। सबसे ज्यादा निशान पेट, चेहरे और छाती पर हैं। हार्ट, किडनी और लंग्स डैमेज मिले हैं।

पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कहा, अगर मैं उसे नहीं मारता, तो वह मुझे मार डालता। मामले को लेकर  एसडीओपी वीरेंद्र कुमार मिश्र और टीआई थाना प्रभारी गौरव सिंह बुंदेला से बात की। पुलिस ने मर्डर की गुत्थी को 6 घंटे में सुलझा लिया। हालांकि पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
पुलिस ने पुरानी इटारसी के रहने वाले आरोपी अंकित जोशी (20) और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है। शनिवार को अंकित को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। वहीं, नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया है। अभी तक की जांच में सामने आया है कि वारदात को लव ट्रायंगल के चलते अंजाम दिया गया है।

23 मई की सुबह करीब 9 बजे पॉलिटेक्निक कॉलेज के सामने नहर के पास सुमित का शव मिला था।

कॉलेज के छात्र ने की थी पहचान

 एसडीओपी वीरेंद्र कहते हैं कि 22 मई की रात मर्डर हुआ था। 23 की सुबह करीब 9 बजे पता चला। मामला दो थानों के बीच उलझ रहा था।  टीआई गौरव सिंह बुंदेला घटनास्थल  पहुंच गए।
घटनास्थल पर एक लड़के की लाश पड़ी थी। शरीर पर कई जगह चाकू से गोदने के निशान थे। लाश थोड़ी फूल सी गई थी। खून भी सूख गया था। वहां पास ही के पॉलिटेक्निक कॉलेज के कुछ लड़के आ गए।
उन्होंने लाश देखते ही कहा- ये तो सुमित सयटकर (17) है, हमारे कॉलेज में सेकंड सेमेस्टर का स्टूडेंट। वह अपनी गर्लफ्रेंड को लेकर टेंशन में रहता था। फॉरेंसिक एक्सपर्ट से जांच कराई। थोड़ी दूर पर घसीटने के निशान और खून मिला।
घटनास्थल के पास ही नहर है। समझ गए कि हत्या के बाद लाश नहर में फेंकने की प्लानिंग रही होगी, लेकिन किसी के आने से या किसी अन्य वजह से लाश को यहीं छोड़ा गया है। ऐसे निशान भी मिले, जिससे अंदाजा लग गया कि एक आरोपी नहीं है।
आरोपी बोला – बातचीत के लिए बुलाया, मार डाला

आरोपी अंकित ने पुलिस को बताया, ‘22 मई की रात करीब 8 बजे सुमित अपने दोस्त हरीश साहू के साथ कॉलेज के पास घूम रहा था। सुमित के कहने पर हरीश ने अंकित को कॉल किया। कहा कि सुमित तुमसे मिलना चाहता है। कॉलेज के पास आ जाओ। करीब आधे घंटे बाद अंकित अपने नाबालिग भाई के साथ पहुंच गया।
तीनों में थोड़ी दूर वहीं बातचीत हुई। अंकित ने दूसरी जगह जाकर बात करने को कहा। सुमित राजी हो गया। अंकित, उसका छोटा भाई और सुमित एक ही बाइक से चले गए। हरीश वहीं कॉलेज के पास रह गया।
सुमित ने चलती बाइक से ही अपने कुछ दोस्तों को फोन लगाया। उन्हें फोरलेन पर आने को कहा।
सुमित के दोस्तों को बुलाने की बात सुन माथा ठनका। छोटे भाई से बाइक रोकने को कहा। बाइक रुकते ही सुमित और अंकित के बीच बहस होने लगी।
बहस बढ़ते ही झूमाझटकी शुरू हो गई। सुमित ने मुझे मारने के लिए चाकू निकाल लिया। मैंने सुमित का हाथ पकड़ लिया। इसी दौरान चाकू सुमित की छाती में घुस गया। सुमित के जमीन पर गिरते ही आपा खो दिया। इसके बाद छाती में घुसा चाकू निकालकर कर गर्दन समेत पूरे शरीर पर एक के बाद वार कर डाले।’

वारदात से पहले दोनों ने नशा किया था

 जांच में पता चला है कि सुमित को पहले नगर व खेत के पास झोपड़ी में नशा करवाया गया था। हत्या के बाद लाश को घसीटकर नहर के किनारे ठिकाने लगाने का प्रयास किया गया। स्पॉट पर और रोड पर खून और घसीटने के निशान भी मिले हैं।
दोनों के बीच लड़की को लेकर विवाद

सुमित मूल रूप से मुलताई से धावला गांव का रहने वाला था। इटारसी में किराए से कमरा लेकर पढ़ाई कर रहा था। कॉलेज में पढ़ने वाली एक छात्रा से दोस्ती थी। इसी के चलते उसके घर आना-जाना भी था। इसी मोहल्ले में अंकित जोशी भी रहता है। वह 10वीं पास है और बाइक शोरूम पर काम करता है।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि अंकित मोहल्ले में रहने वाली लड़की से प्यार करता था। बाद में उसकी दोस्ती सुमित से हो गई। यह बात अंकित को नागवार गुजरी। उसे सुमित का लड़की से मिलना अच्छा नहीं लगता था। इसे लेकर दोनों के बीच पहले दो से तीन बार झगड़ा भी हुआ था।
सुमित भी उस लड़की को खोना नहीं चाहता था। सुमित ने भी दोनों की बात घरवालों को बताने की धमकी दी थी। इसी के बाद अंकित ने सुमित को रास्ते से हटाने की ठान ली।

पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर के मुताबिक सुमित के शरीर पर 30 से ज्यादा घाव थे।

घर का इकलौता बेटा था सुमित

सुमित के पिता की मौत करीब पांच साल पहले हो चुकी है। परिवार में मां और बहन हैं। बहन ज्ञानेश्वरी भी अभी पढ़ाई कर रही है। वारदात के समय ज्ञानेश्वरी एनसीसी के कैंप में थी। भाई की हत्या के बाद कैंप छोड़कर घर आ गई।
ज्ञानेश्वरी कहती हैं, ‘ पिता के जाने के बाद मां ने हमें मेहनत से पाला था। उनका सपना था कि दोनों ठीक से पढ़-लिख जाएं।
एक साल पहले सुमित का पॉलिटेक्निक ‎कॉलेज में इलेक्ट्रिकल ब्रांच में एडमिशन कराया था। उसका सेकंड सेमस्टर था। पढ़ाई के लिए इटारसी के आवाम नगर में किराए का कमरा ले रखा था। दोनों साथ रहते थे। पांच दिन पहले ही तो मैं कैंप गई थी। उससे कहकर गई थी कि अपने खाने-पीने का ध्यान रखना।
जब घर ‎पहुंचकर देखा, तो उसकी ड्रेस ‎गेट की सांकल में टंगी थी। ‎बैग बिस्तर पर पड़ा था। दो दिन पहले बात‎ हुई थी, तब सब ठीक था। ‎मोहल्ले में तो वो किसी से बात नहीं ‎करता था।
पता नहीं ये सब कैसे और क्यों हो गया। मुझे तो उस पर कभी शक नहीं हुआ। 15 सितंबर को उसका जन्मदिन है। मां और मैं हमेशा उसे जन्मदिन पर नए कपड़े दिलाते थे।’

पढ़ाई में सामान्य था, टेस्ट छोड़कर आ जाता था‎

कॉलेज प्राचार्य आरएस चोलकर ने बताया कि कॉलेज में टेस्ट चल रहे हैं। सुमित ‎टेस्ट को अधूरा छोड़कर बाहर चला जाता था। जानकारी ‎मिली है कि वह फोरलेन की तरफ चाय की दुकान पर जाता‎ था। हाल में घोषित हुए रिजल्ट में वह चार विषयों में फेल हुआ है।

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