परेशान किसान पूजा की थाली लेकर जनसुनवाई में पहुंचा,
इतने में तो भगवान मान जाते
सागर: मध्य प्रदेश के जिला मुख्यालयों में लगभग हर मंगलवार को जनसुनवाई का आयोजन होता है. जनसुनवाई में फरियाद लेकर पहुंचने वाले लोग अक्सर अधिकारियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए तरह तरह के पैंतरे अपनाते हैं. ऐसा ही एक नजारा मंगलवार को सागर जिला कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान देखने के मिला.
यहां एक शिकायतकर्ता पूजा की थाली सजाकर अपनी शिकायत लेकर जनसुनवाई में पहुंचा. अफसरों से निवेदन करते हुए कहा कि “अब तो मेरी अरजी सुन लो सरकार.” हालांकि, मौके पर मौजूद अफसरों ने उसकी शिकायत सुनी और जल्द निराकरण का आवेदन दिया. हालांकि, मौके पर मौजूद अधिकारियों ने फरियादी की शिकायत सुनी और निराकरण का आश्वासन दिया.
हाथों में थाली लेकर जनसुनवाई में पहुंचा किसान
हर मंगलवार की तरह इस मंगलवार को भी सागर कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई का आयोजन हुआ. फरियादी अपनी शिकायत लेकर अधिकारियों के पास पहुंच रहे थे और संबंधित अधिकारी उनकी समस्याओं को सुनकर निराकरण करने का प्रयास कर रहे थे. इसी बीच एक किसान हाथों में पूजा की थाली लेकर जनसुनवाई में पहुंचा. उसे ऐसे देखकर वहां अपनी बारी का इंतजार कर रहे लोग आश्चर्यचकित रह गए.
गुहार लगाते हुए कहा मेरी अरजी सुन लो सरकार
पूजा की थाली में फूल-माला, मिठाई, नारियल और अगरबत्ती रख हुई थी. जनसुनवाई में ऐसे पहुंचे किसान ने अधिकारियों सहित हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया. दरअसल, किसान शिकायत की सुनवाई ना होने से परेशान चल रहा था, इसलिए अफसरों का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए पूजा की थाली सजाकर जनसुनवाई में पहुंचा था, जहां उसने गुहार लगाते हुए कहा कि अब तो मेरी अरजी सुन लो सरकार.
4.50 एकड़ जमीन सरकारी रिकॉर्ड से गायब
फरियादी किसान अजीत सिंह ने कहा, “सत्ताढाना गांव में मेरी 9 एकड़ जमीन में से आधी जमीन 4.50 एकड़ जमीन सरकारी रिकॉर्ड से गायब हो गई हैं. जिसका प्रकरण एसडीएम न्यायालय में लगाया, तो एसडीएम कोर्ट से 26 अगस्त 2022 को मेरे हक में फैसला आया, लेकिन आदेश के खिलाफ गांव के ही सूरज सिंह ने कलेक्टर के यहां अपील कर दी. जिसके बाद एसडीएम के आदेश को निरस्त कर दिया था.
न्याय के लिए सालों से चक्कर काट रहा किसान
इसके बाद मामला फिर एसडीएम कोर्ट में पहुंचा, जो अब तक लंबित है. दो साल बीत जाने के बाद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई. किसान का कहना है कि तमाम दफ्तरों में आवेदन दे देकर थक गया हूं, लेकिन अब तक किसी तरह की सुनवाई नहीं हुई. तो मैनें सोचा कि जिस तरह भगवान को प्रसन्न करने के लिए पूजा की थाली में फूल-माला, अगरबत्ती और मिठाई लेकर जाते हैं और अरजी लगाते हैं. आज मैं भी जनसुनवाई में अरजी लगाऊं, तो मेरी शिकायत पर सुनवाई हो जाए.”
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