आधार अपडेट कराया, असली कैंडिडेट्स की जगह परीक्षा में बैठे सॉल्वर; अब तक 19 FIR,मप्र पुलिस भर्ती में फर्जीवाड़ा
By,वामन पोटे
मप्र पुलिस भर्ती में फर्जीवाड़ा, आधार कार्ड के हेरफेर ,पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में व्यापमं जैसा घोटाला:आधार अपडेट कराया, असली कैंडिडेट्स की जगह परीक्षा में बैठे सॉल्वर; अब तक 19 FIR
मध्य प्रदेश की पुलिस आरक्षक भर्ती में आधार कार्ड के जरिए फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। कई नवआरक्षकों ने साल्वरों को परीक्षा में बैठाया और बाद में आधार अपडेट कर खुद जॉइनिंग की। दस्तावेज जांच, सीसीटीवी मिलान और गिरफ्तारियां जारी हैं। पूरे प्रदेश में अब व्यापक जांच शुरू हो गई है।
मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में धांधली।
सॉल्वर को परीक्षा में बैठाया गया
आधार में फोटो-फिंगरप्रिंट बदले गए
शिवपुरी के छह नए आरक्षक लापता
ग्वालियर। मध्य प्रदेश की पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में एक चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। ग्वालियर-चंबल अंचल के कई जिलों में अब तक 17 ऐसे नए आरक्षकों की पहचान हुई है, जिन्होंने अपने आधार कार्ड में फोटो और फिंगरप्रिंट सॉल्वरों के नाम से अपडेट कराए। परीक्षा में खुद के स्थान पर उन्हें बैठाया।
परीक्षा में पास होने के बाद इन अभ्यर्थियों ने फिर से आधार में अपनी असली पहचान अपडेट कर ली, जिससे भर्ती प्रक्रिया में धांधली कर चयन प्राप्त कर लिया।
पुलिस मुख्यालय की दस्तावेज जांच से हुआ खुलासा
यह फर्जीवाड़ा तब उजागर हुआ, जब पुलिस मुख्यालय ने दस्तावेजों की जांच में बार-बार आधार में बदलाव की प्रविष्टियां पकड़ीं। अधिकारियों को संदेह हुआ और गहराई से जांच की गई तो सामने आया कि परीक्षा के दौरान जिनके फिंगरप्रिंट और फोटो थे, वे अभ्यर्थी नहीं बल्कि सॉल्वर थे।
कोचिंग संचालक भी रडार पर
श्योपुर और मुरैना में पकड़े गए नए आरक्षकों पर मुकदमा दर्ज कर कुछ को गिरफ्तार किया गया है। इनके अलावा सॉल्वर और उन आधार अपडेट करने वाले कियोस्क सेंटर संचालकों को भी गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने यह फर्जीवाड़ा अंजाम दिया।
जांच में शिवपुरी का एक कोचिंग संचालक भी संदेह के घेरे में है, जिस पर सॉल्वरों की व्यवस्था कराने का आरोप है। पुलिस को आशंका है कि यह एक संगठित गिरोह का हिस्सा है और इसमें कई और लोगों की संलिप्तता हो सकती है।
ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह
का कहना है कि “अब भर्ती परीक्षाओं में काफी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है. किसी भी स्तर पर यदि धोखाधड़ी का प्रयास किया जाता है तो तुरंत पकड़ में आते हैं. इन आरोपियों के साथ भी वही हुआ जब चयनित होने के बाद सभी आरोपी आए और उनके डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन हुआ तो आधारकार्ड अपडेशन, फिंगरप्रिंट और हैंडराइटिंग मिसमैच पाई गई. छानबीन समिति ने पाया कि इन लोगों के दस्तावेजों में हेराफेरी की गई है. उनकी शिकायत पर कंपू पुलिस थाने में इन कैंडिडेट्स पर एफआईआर दर्ज की गई है.”
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