हादसे में एक साथ 3 पीढ़ियों की मौत:
अंतिम संस्कार करने वाला कोई नहीं बचा, एक ही परिवार से उठी 4 अर्थियां, गंगा दशहरा के दिन हुए हादसे से गांव में मातम
मऊगंज में एक साथ जलीं पिता-बेटे और पोते की चिता; RTO पर लापरवाही बरतने के आरोप

रीवा।।रीवा में गुरुवार को सीमेंट पिलर से लदा एक बल्कर ट्रक ऑटो पर पलट गया। हादसे में ऑटो सवार 7 लोगों की मौत हो गई। 4 की मौके पर ही जान चली गई। वहीं एक ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। 2 लोगों की इलाज के दौरान सांसें थम गईं। 3 लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
इस हादसे ने कई घर एक साथ उजाड़ दिए। एक परिवार में तीन पीढ़ियों की एक साथ मौत हो गई। दादा, माता-पिता और नाती-पोते एक ही जगह खत्म हो गए। बाकी परिजन सदमे में हैं। शुक्रवार दोपहर 12 बजे चारों का अंतिम संस्कार गांव के श्मशान घाट पर किया गया। सभी चिताएं अलग-अलग जलाई गईं।

एक साथ हुआ परिवार का अंतिम संस्कार
भमरा गांव के रहने वाले चंद्र प्रकाश जायसवाल ने बताया कि मृतक रामजीत के छोटे भाई दीपक जायसवाल ने सभी का अंतिम संस्कार किया। तीन चिताएं सजाई गई थीं। एक चिता पर रामजीत के पिता हीरालाल जयसवाल का संस्कार किया गया। वहीं, दूसरी चिता पर बेटे शिवम और तीसरी चिता पर और उनकी पत्नी पिंकी जयसवाल का अंतिम संस्कार किया गया।
पोते-पोती की याद में खाना-पीना छोड़ा
रामजीत जयसवाल, पत्नी पिंकी और इकलौती बेटी अंबिका के साथ ऑटो में सफर कर रहे थे। उनके पिता हीरालाल और बहन के बच्चे- मानवी और अरविंद जयसवाल भी साथ थे। तीन पीढ़ियों की एक साथ मौत के बाद घर में कोई अंतिम संस्कार करने वाला नहीं बचा है।
रामजीत की बहन की सास गीता जयसवाल हादसे के बाद पूरी तरह टूट गई हैं। पोते-पोती को खोने के सदमे में उन्होंने खाना-पीना और बोलना तक छोड़ दिया है।
आरटीओ की लापरवाही को बताया वजह
स्थानीय लोगों ने कहा- हादसे के पीछे आरटीओ की लापरवाही सबसे बड़ी वजह है। 4 सीटर ऑटो में 10 लोग बैठे थे। सभी प्रयागराज से गंगा स्नान कर रीवा की तरफ आ रहे थे।
इस रूट पर आने-जाने वाला हर वाहन आरटीओ की चेक पोस्ट से होकर गुजरता है। इसके बावजूद उन्हें रोका नहीं गया।
दादा-पिता, पोते की मौत
मृतकों के परिजन शैलेष और राजेश्वरी जयसवाल ने बताया- दादा, पिता और पोते की मौत अगर एक साथ हो जाए तो उस परिवार पर क्या गुजरेगी? घर का चिराग ही नहीं, बल्कि पूरा का पूरा घर ही बुझ गया।
पिता की मौत हो जाए तो बेटा सहारा बनता है। बेटे की मौत हो जाए तो पोता जीवन जीने की उम्मीद बनता है। लेकिन, जहां सबकी एक साथ मौत हो जाए वह परिवार क्या करेगा। समझ नहीं आ रहा कि एक-दूसरे को कैसे और क्या दिलासा दें?
ओवरटेक करने की कोशिश में पलटा ट्रक
एडिशनल एसपी विवेक लाल ने बताया- प्रयागराज से रीवा जा रहा सीमेंट पिलर से लदा बल्कर ट्रक यूपी-एमपी बॉर्डर पर सोहागी घाटी के पास ऑटो को ओवरटेक करने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान ट्रक बेकाबू होकर ऑटो पर पलट गया।
संजय गांधी अस्पताल के सीएमएचओ डॉ. यत्नेश त्रिपाठी ने कहा- तीनों घायलों को स्पेशल वॉर्ड में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। उनकी हालत स्थिर है। उम्मीद है कि वह जल्द रिकवर होंगे।
हादसे के कारण 3 किमी लंबा जाम लगा
एडिशनल एसपी लाल ने बताया कि हादसे के कारण सोहागी पहाड़ से टोल प्लाजा तक लगभग तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया था। जिसे पुलिस प्रशासन ने आधे घंटे की कड़ी मेहनत के बाद खुलवाया।
मृतकों के परिजन को 2-2 लाख का मुआवजा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।
पूर्व विधायक ने कहा-सड़क की डिजाइन ठीक नहीं
त्योंथर के पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी ने कहा कि सड़क की डिजाइन ठीक नहीं है, जिसे सुधार करने पूर्व में ही 32 करोड़ की राशि आवंटित की जा चुकी है। बड़ा सवाल है कि आखिर जब सड़क की डिजाइन ठीक नहीं है, तो अब तक सुधार के लिए क्या प्रयास किए गए…? सड़क को कैसे पास कर दिया गया…?
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