Madhya Pradesh Latest News

बोलेरो नहर  में गिरी हादसे 11 लोगों की दर्दनाक मौत

By,वामन पोटे

बोलेरो नहर  में गिरी हादसे 11 लोगों की दर्दनाक मौत से दहल उठे लोग

5-5 लाख की मदद का ऐलान

गोंडा में पृथ्वी नाथ मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं से भरी बोलेरो नहर में गिरने से 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मोतीगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले ये सभी श्रद्धालु ओवरलोडिंग के शिकार हुए। 7 सीटर गाड़ी में 15 लोग सवार थे, जिससे गाड़ी अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी।

मृतकों का विस्तृत विवरण
1- रामकरन उर्फ पहलवान पुत्र रामदेव (40 वर्ष)
2- ललिता पत्नी रामकरन (32 वर्ष)
3- साैम्या पुत्री रामकरन (09 वर्ष)
4- शुभ पुत्र राम करन (07 वर्ष)
5- दुर्गा पत्नी रामरूप (30 वर्ष)
6- अमित पुत्र रामरूप (12 वर्ष)
7- बीना पत्नी प्रहलाद कसौधन (38 वर्ष)
8- काजल पुत्री प्रहलाद कसौधन (20 वर्ष)
9- महक पुत्री प्रहलाद कसौधन (17 वर्ष)
10- मंजू पत्नी राम सरन लल्ला (26 वर्ष) निवासी, सीहागांव थाना मोतीगंज-गोंडा
11- अंजू वर्मा उर्फ गुड़िया पुत्री राजितराम वर्मा (20 वर्ष) निवासी ग्राम राजापुर परसौरा, थाना माेतीगंज-गोंडा।

गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में हुए बोलेरो हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। पृथ्वी नाथ मंदिर दर्शन को जा रहे श्रद्धालुओं से भरी बोलेरो नहर में गिर गई, जिससे 11 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं तीन अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे की जो शुरुआती वजहें सामने आई हैं, उनमें सबसे बड़ा कारण ओवरलोडिंग बताई जा रहा है। हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग थाना मोतीगंज क्षेत्र के रहने वाले थे। दूसरी तरफ सीएम योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जाहिर किया है।
जिस बोलेरो गाड़ी में श्रद्धालु यात्रा कर रहे थे, वह महज 7 सवारियों के लिए अधिकृत थी। हालांकि उसमें कुल 15 लोग सवार थे। यानि क्षमता से 8 लोग अधिक बैठे थे। इतनी भीड़ के कारण गाड़ी पर अत्यधिक भार पड़ गया, जिससे वह अनियंत्रित हो गई और नहर में जा गिरी। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि डूबने के बाद 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, और बाकी को किसी तरह बचाया जा सका।

गोंडा पुलिस मामले की जांच में जुटी

बताया जा रहा है कि हादसे के बाद बोलेरो में इतनी भी जगह नहीं बची थी कि लोग किसी तरह हाथ-पैर चलाकर निकल पाए। 11 लोगों की बेलोरो के पानी में गिरने के बाद उसी में फंसने से दर्दनाक मौत हो गई। फिलहाल पुलिस मामले और हादसे की वजहों की जांच कर रही है।

क्या कहता है नियम

मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार किसी भी यात्री वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों को बैठाना कानूनी अपराध है। ऐसा करना चालक और वाहन स्वामी दोनों की जिम्मेदारी बनती है। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में इस नियम की खुलेआम अनदेखी होती है। खासकर त्योहारों, धार्मिक आयोजनों या विवाह जैसे कार्यक्रमों में ओवरलोडिंग एक आम बात बन चुकी है।

प्रशासन की लापरवाही भी उजागर

इस हादसे ने प्रशासनिक लापरवाही की भी पोल खोल दी है। सवाल यह उठता है कि जब इतनी संख्या में लोग एक बोलेरो में सवार थे, तो क्या रास्ते में कहीं भी पुलिस या परिवहन विभाग की नजर उन पर नहीं पड़ी? क्या चेकिंग केवल शहरी इलाकों तक ही सीमित रह गई है? अगर समय रहते इस गाड़ी को रोका गया होता, तो शायद इतनी बड़ी जनहानि टाली जा सकती थी।

सीएम योगी ने जताया दुख, आर्थिक मदद के दिए निर्देश

गोंडा हादसे पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इस दर्दनाक घटना में जान गंवाने वाले 11 लोगों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही हादसे में घायल हुए लोगों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया गया है।

सीएम कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि जिला प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ लगातार संपर्क में है और हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है। सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि हादसे के कारणों की गहराई से जांच की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं।।साभार

Comments are closed.