आदिवासी संस्कृति , गौरव और एकता का शानदार उदाहरण स्वतंत्रता सेनानी विष्णु सिंह की याद में महारैली
By,वामन पोटे
आदिवासी संस्कृति , गौरव और एकता का शानदार उदाहरण
स्वतंत्रता सेनानी विष्णु सिंह की याद में महारैली
आदिवासी संस्कृति और एकता का शानदार उदाहरण
पारंपरिक वेशभूषा में हजारों आदिवासी, लोकगीत, नृत्य और पारंपरिक ढोल-बाजे लेकर निकली रैली
बैतूल।।
बैतूल में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सरदार विष्णु सिंह उइके की मूर्ति स्थापना दिवस के अवसर पर जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) द्वारा एक भव्य सांस्कृतिक महारैली का आयोजन किया गया। इस रैली में हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए, जिसमें युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
पारंपरिक परिधान में पहुंचे लोग
सुबह से ही जिले के विभिन्न गांवों से आदिवासी समाज के लोग पारंपरिक परिधानों और गहनों में सजे-धजे रैली स्थल पर पहुंचने लगे। कई लोगों ने अपने साथ ढोल, नगाड़े और अन्य वाद्ययंत्र लेकर आए, जिनकी थाप पर पारंपरिक नृत्य और गीत प्रस्तुत किए गए। यह नजारा आदिवासी संस्कृति और एकता का शानदार उदाहरण था।
सुरक्षा के लिहाज से महिला और पुरुषों को अलग रखा
रैली की व्यवस्था पूरी तरह से जयस के वालेंटियर्स ने संभाली। भीड़ में अनुशासन बनाए रखने के लिए खास प्रबंध किए गए थे।
जिला अध्यक्ष संदीप धुर्वे ने बताया कि रैली में शराब, नशीले पदार्थ और धारदार हथियार लाने पर पूरी तरह रोक थी। साथ ही, महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष ध्यान रखा गया और पुरुष प्रतिभागियों को महिला समूहों से उचित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
लोगों ने बढ़ाया हौसला
रैली के दौरान केवल आदिवासी लोकगीत, नृत्य और पारंपरिक ढोल-बाजे की प्रस्तुतियां ही की गईं। रास्ते में जगह-जगह स्थानीय लोग खड़े होकर इस सांस्कृतिक प्रदर्शन का स्वागत करते रहे, कई जगहों पर फूल बरसाए गए और ताली बजाकर उत्साह बढ़ाया गया।
संदीप धुर्वे ने कहा कि यह आयोजन सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि आदिवासी एकता, संस्कृति और गौरव का प्रतीक है। इससे आने वाली पीढ़ियों को अपनी परंपराओं से जुड़ने और उन्हें संजोकर रखने की प्रेरणा मिलेगी।
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